स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन के तहत मितानिनों ने किया जनसंवाद, निकाली रैली

अंबिकापुर। स्वस्थ्य पंचायत सम्मेलन के तहत जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन मितानिनों ने शनिवार को किया और जनपद पंचायत कार्यालय अंबिकापुर के प्रांगण से वृहद रैली निकाली। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकली, इस दौरान इन्होंने अल्प मानदेय होने के बाद भी समय पर नहीं मिलने वाली राशि के दर्द को भी सामने लाया। इनका कहना था कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में गांव-गांव तक शासन के योजनाओं को पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है, इसके बाद भी उनकी अनदेखी की जाती है। उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक शासन-प्रशासन स्तर पर विचार नहीं किया जाता है।

बता दें कि स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन, जन संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पोषण समिति का गठन किया गया है। इसमें गांव में जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है, उसे वर्ष में एक बार सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मितानिनों के द्वारा सामने लाया जाता है। मितानिनें लंबित समस्याओं को लेकर जनपद स्तर तक पहुंचती हैं और विभागवार आवेदन देकर व्याप्त समस्याओं से अवगत कराती हैं। सम्मेलन के माध्यम से इनके द्वारा यह जानने का प्रयास किया जाता है, कि उनकी समस्याओं का अंत कब तक होगा। इसी क्रम में सोमवार को ब्लाकवार एकजुट हुई मितानिनों ने विधायक अंबिकापुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, विद्युत विभाग, जिला पंचायत सदस्यों के नाम आवेदन देकर मूलभूत समस्याओं को सामने लाया। सम्मेलन को सफल बनाने में मितानिनों के साथ एमटी, बीसी बहनों ने भी साथ दिया। इन्होंने कहा कि पारा-टोला तक मुखिया की भूमिका निभाते हुए वे स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी तन्मयता से सेवा देते आ रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम तबके तक के लोगों को मिले, इसमें उनकी उल्लेखनीय भूमिका होती है। घर-घर दस्तक देकर गर्भवती माताओं की सुध लेती हैं। इसके बाद भी मितानिनों को उनके कार्य के एवज में शासन की ओर से दी जाने वाली राशि के लिए इंतजार करने की नौबत बनती है। ऐसे हालातों के बीच भी उनकी तटस्थता बनी रहती है। जन संवाद में सर्वाधिक आवेदनों में इस दर्द को मितानिनों ने व्यक्त किया है। देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन और शासन मितानिनों की व्यक्तिगत व अन्य मांगों के प्रति सहानुभूति बरतते हुए क्या कदम उठाता है।

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