रायपुर। सुरक्षाबलों को सुकमा में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सर्च ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के जवानों ने 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। सुरक्षाबलों ने सुकमा में किस्टाराम इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों से उनकी मुठभेड़ हो गई। कई घंटों की गोलीबारी के बाद 12 नक्सली ढेर कर दिए गए। जवानों ने मौके से एके-47 और इंसास राइफल भी बरामद की है।

साथियों के साथ जंगलों में छिपा था
सुरक्षाबलों ने कोंटा एरिया कमेटी में सक्रिय रहने वाला माओवादी मंगडू भी इस मुठभेड़ में मारा गया है। मंगडू अपने कई साथियों के साथ जंगलों में छिपा था, जिसकी जानकारी मिलते ही एसपी किरण चव्हाण ने डीआरजी की टीम को ऑपरेशन के लिए रवाना किया।

अभी भी जारी हैसर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबलों की टीम तड़के सुबह ही जंगलों में छापेमारी करने पहुंच गई। इस दौरान माओवादियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों पक्षों में करीब 1 घंटे तक मुठभेड़ चली, जिसमें 12 नक्सली मार गिराए गए। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

कोंटा एरिया कमेटी का सचिव था
बता दें कि 40 वर्षीय वेट्टी मुका उर्फ मंगडू सुकमा जिले के गोगुड़ा गांव का रहने वाला था। वो पिछले कई सालों से माओवादी संगठन से जुड़ा था और कोंटा एरिया कमेटी के सचिव पद पर नियुक्त था। कई नक्सली हमलों को अंजाम देने वाला मंगडू अपने पास एके-47 जैसे हथियार रखता था। प्रशासन ने उसपर 8 लाख का इनाम रखा था।

एएसपी आकाश का बदला लिया
सुकमा के जंगलों में हुई मुठभेड़ में खूंखार माओवादी एसीएम हितेश भी मारा गया है। हितेश 9 जून को कोंटा के पास हुए आइईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था, जिसमें तत्कालीन एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की जान चली गई थी। उस घटना को एसीएम हितेश ने ही अंजाम दिया था। आज जवानों ने एएसपी आकाश राव की शहादत का बदला ले लिया।

 

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