रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) के 16 हजार कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते छह दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, प्रसूता सेवाएं, डिलीवरी, लैब जांच और आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार बेफिक्र बैठी है और अब तक हड़ताल समाप्त करने की कोई ठोस पहल नहीं की गई। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री को लोगों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार तत्काल एनआरएचएम कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय ले और हड़ताल समाप्त कराए।

गुणवत्ता जांच में फेल दवाओं की हो रही है सप्लाई
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ नकली दवाओं का अड्डा बन चुका है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सप्लाई की गई दवाओं की गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई है। दर्जनभर से अधिक जिला अस्पतालों में दी जा रही दवाएं मानक विहीन साबित हुईं। उन्होंने कहा कि इन दवाओं से मरीजों की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही है, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आते ही नकली दवाओं का कारोबार बढ़ जाता है। रमन सिंह के कार्यकाल में अंखफोड़वा कांड और नसबंदी कांड जैसे मामले हुए थे और अब एक बार फिर वही दौर लौट आया है।

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