पूर्व खाद्य मंत्री ने कहा-आंदोलनकारियों को कांग्रेस देगी समर्थन

अंबिकापुर। राजमिस्त्री की हत्या कर उसके शव को निर्माणाधीन टंकी के नीचे दबाने वाले ठेकेदार के अब तक नहीं पकड़े जाने पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी की गई है। प्रदेश के पूर्व खाद्य मंत्री और पूर्व सीतापुर विधायक अमरजीत भगत ने सोमवार को राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस बार सर्व आदिवासी समाज के आंदोलन को कांग्रेस भी अपना समर्थन देगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की, मामले के निराकरण के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी हो, जिससे आंदोलन की स्थिति ना बने।

विदित हो कि ग्राम बेलजोरा के राजमिस्त्री दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा की सीतापुर निवासी ठेकेदार द्वारा हत्या कर शव को मैनपाठ के लुरैना में निर्माणाधीन पानी की टंकी के नीचे दफना दिया गया था। राजमिस्त्री के गायब होने के बाद पुलिस की हीलाहवाली भी सामने आई। राजमिस्त्री के स्वजन द्वारा सर्व आदिवासी समाज के साथ मिलकर थाने का घेराव करने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए पुलिस ने जब ठेकेदार के साथियों को पकड़ा, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। शव की बरामदगी के बाद भी मुख्य आरोपी सहित कुछ अन्य लोगों के नहीं पकड़े जाने पर शनिवार को सीतापुर में सर्व आदिवासी समाज ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था और तीन दिन में आरोपियों को नहीं पकड़ने पर पुन: आंदोलन की चेतावनी दी थी। सरगुजा पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना के मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय व उसके फरार साथी गौरी तिवारी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार के ईनाम की घोषणा की है और दोनों आरोपियों की तस्वीर भी जारी की है। इसके बाद एक आरोपी गौरी तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पूर्व खाद्य मंत्री व सीतापुर के पूर्व विधायक अमरजीत भगत ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए इसे हृदय विदारक घटना बताया और कहा कि एक व्यक्ति जो परिवार के लिए कमाने जाता है उसकी हत्या कर दी जाती है, दफना दिया जाता है। ठेकेदार जब उसे उठाकर ले जाते हंै तो मामले की थाने में रिपोर्ट तक नहीं लिखी जाती है। हमें सूचना मिली तो हमने भी कार्रवाई करने के लिए कहा। आदिवासी समाज द्वारा आंदोलन किया गया, तब पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जून माह में हुई घटना के तीन माह बाद सड़ा-गला शव मिला, जिससे परिवार व समाज के लोग आक्रोशित हो गए। मुख्य आरोपी अभी भी फरार है जिस कारण शव का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। पूर्व खाद्य मंत्री ने कहा कि मामले में यह भी आश्चर्य की बात है कि सीतापुर पुलिस द्वारा मृतक राजमिस्त्री पर चोरी का आरोप लगने पर उसकी संपत्ति के संबंध में जानकारी तहसीलदार को पत्र लिखकर मांगी गई, परन्तु हत्याकांड का पर्दाफास होने के बाद आरोपी ठेकेदार की संपत्ति की जानकारी अभी तक नहीं मांगी गई है। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने और आरोपी ठेकेदार के खाते से करोड़ों रुपये की निकासी होने के मामले में भी जांच कराने की मांग की है। पत्रकारवार्ता के दौरान महापौर डॉ. अजय तिर्की, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, जिला महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा, इस्लाम खान, दुर्गेश गुप्ता सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।

गिरफ्तारी की आज खत्म होगी समयसीमा
अमरजीत भगत ने कहा कि पुलिस द्वारा शनिवार को लिखित में आश्वासन दिया गया था कि तीन दिन में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, पुलिस के इस आश्वासन की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो जाएगी। ऐसे में बुधवार को पुन: आदिवासी समाज और स्वजन आंदोलन करने की तैयारी मेें हैं, इस बार कांग्रेस भी मृतक व उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलनकारियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने शासन-प्रशासन व पुलिस से इस मामले में आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप करने का आग्रह किया है।

प्रकरण को दबाने के प्रयास का आरोप
कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए और घटनाक्रम के विस्तृत जांच की मांग की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी श्रीवास्तव ने जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका और प्रकरण को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए उन पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए। पादप औधषि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने भी जिले में पुलिस की जांच के तरीके पर सवाल उठाते हुए हाल ही में हुए युवा अक्षत अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा भी आरोपी के बताए कथन पर अक्षरश: भरोसा कर मृतक द्वारा स्वयं अपनी हत्या के लिए सुपारी देने की बात मान ली। उन्होंने कहा ऐसी पुलिसिंग पहले कभी देखने को नहीं मिली।

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