दरिन्दगी भरी घटना को अंजाम देने वाला आरोपी 14 माह बाद कबूला अपराध

अंबिकापुर/बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दरिंदे ने अपने स्वार्थ के लिए तीन साल के मासूम बच्चे की गर्दन काटकर नर बलि दे दी। पुलिस जिस संदेही से पूछताछ कर रही थी, वह बार-बार पुलिस को गुमराह कर रहा था। मासूम बच्चे के तलाश में लगी पुलिस विवेचना में लगी रही, और 14 माह बाद सख्ती बरतते हुए आरोपी से अपराध कबूल करवाने में सफल हो गई। सामरीपाट थाने की पुलिस ने बच्चे के हत्यारे राजू पहाड़ी कोरवा निवासी कटईडीह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के निशानदेही पर जमीन में गाड़े गए बच्चे के सिर, कंकाल को पुलिस बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया बिरेन्द्र नगेसिया पिता बीरसाय नगेसिया 24 वर्ष, निवासी सुलुंगडीह सबाग ने थाना सामरीपाठ में 06 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 29.03.2024 को वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ महुआ फूल उठाने ग्राम झलबासा जंगल गया था, और झाला झोपड़ी बनाकर डेरा डाला था। 01.04.2024 को सुबह प्राथमिक शाला सबाग में रसोई का काम करने गया और स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापस झलबासा डेरा आया तो पत्नी दयामुनी बताई कि उनका लड़का अजय नगेसिया, जितन नगेसिया के बच्चों के साथ डेरा के बगल में महुआ पेड़ के नीचे खेल रहा था और वह बगल में नदी के किनारे करेला तोड़ रही थी, वापस आई तो अजय नहीं था। इसके बाद दोनों पति-पत्नी आस-पास के गांव, जंगल और नदी-नाला में खोजबीन किए, लेकिन उसका पता नहीं चला। बच्चा अजय नगेसिया पिता बिरेन्द्र नगेसिया 03 वर्ष का था, जिसे डेरा के पास खेलते समय अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला-फुसलाकर कहीं ले जाने का संदेह व्यक्त किया गया था। सूचना पर थाना सामरीपाठ में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस विवेचना कर रही थी। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में गुम बालक के तलाश में लगी पुलिस ने पाया कि राजू कोरवा को मृतक के दादा और इलबासा निवासी झल्लू ने गुम बालक अजय नगेसिया का पता तंत्र-मंत्र से करने के लिए कहा तो वह बोला कि बड़ा पूजा करना पड़ेगा तब मिलेगा। इसकी जानकारी पुलिस को मिलने पर आरोपी राजू कोरवा को तलब की तो वह बताया कि नशे की हालत में ऐसा बोल दिया था। आरोपी राजू कोरवा पूछताछ में बार-बार अपने बयान को बदलकर पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा था।

अपने बच्चे को मिर्गी से उबारने दिया बलि
पुलिस ने मुखबिर एवं गांव में लगातार लोगों के बीच रहकर सूचना संकलन किया, तो ग्रामीणों से अहम सुराग मिला। इसके बाद पुलिस आरोपी राजू पहाड़ी कोरवा पिता लेब्दू कोरवा 40 वर्ष, निवासी कटईडीह, पंचायत चटनिया, थाना चांदो को पुन: तलब करके कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने हैवानियत भरे घटनाक्रम को स्वीकार करते हुए बताया कि उसका बड़ा लड़का बचपन से मिर्गी बीमारी एवं मानसिक रूप से कमजोर है। महादानी देवता को आदमी के बच्चा का बली देने से उसका लड़का ठीक हो जाएगा, इसे वह मन में बैठा लिया था। घटना दिनांक को ग्राम झलबास में गुम बालक अजय नगेसिया उम्र करीब 2.5 से 03 वर्ष अकेला देखकर वह मिठाई बिस्कुट दंूगा, कहकर बहला-फुसलाकर गोद में उठाकर अपने घर ले गया और उसी दिन लोहे की छुरी से लड़के का गर्दन काटकर हत्या कर दिया और धड़ को बोरा में डालकर बोड़ादह कोना नाला में ले जाकर उसी रात जला दिया था।

तीन दिन तक घर में छिपाकर रखा था सिर
आरोपी राजू कोरवा बच्चे के सिर को 03 दिन तक अपने घर में छिपाकर रखा या। जब मृत बालक के स्वजन बच्चे को खोजने लगे तो वह बच्चे के सिर को कपड़ा में लपेटकर बोड़दहा नाला के पास ले जाकर गड्ढा खोदकर दफन कर दिया और उपर से मिट्टी पाटकर 04-05 पत्थर ऊपर में रख दिया था। पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर लोहे का छुरी बरामद किया और बच्चे का शव उत्खनन करने की कार्रवाई के लिए कार्यपालिक दण्डाधिकारी कुसमी को पत्राचार करके तहसीलदार सामरी की उपस्थिति में गुम बालक अजय नगेसिया के सिर को बरामद किया, जिसे आरोपी जमीन में करीब 02 फिट नीचे कपड़े में लपेटकर दफन किया था। बच्चे के सिर का खोपड़ीनुमा हड्डी बरामद करने के बाद पुलिस आरोपी राजू कोरवा पिता लेब्दू कोरवा 40 वर्ष के विरूद्ध थाना चांदो में धारा 302, 201 भादवि का मामला कायम की है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक आनन्द मसीह तिर्की, प्रधान आरक्षक संजय साहू, आरक्षक आदित्य कुजुर, 928 संतोष यादव, अमित लकड़ा, ओमकार रजक का सराहनीय योगदान रहा।

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