केशवपुर के आत्मानंद स्कूल व कॉलेज में हुए निर्माण कार्यों, करजी स्टेडियम के मामले में हुई जांच का पता नहीं

सीईओ ने बताया-कलेक्टर व जिला पंचायत की ओर से बनाई गई है जांच कमेटी

 

गिरिजा ठाकुर 

 अंबिकापुर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने सोमवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर जिले से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों, ग्रामीण स्तर की समस्या सहित ग्रामीण क्षेत्रों से निकल कर सामने आए अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता भी साथ थे।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि आए दिन ग्राम केशवपुर के आत्मानंद स्कूल एवं कॉलेज में हुए निर्माण कार्यों की शिकायत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि करजी स्टेडियम के मामले में भी अब तक जांच नहीं हुई है। एक गांव जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं दूसरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष का है। मीडिया के माध्यम से खबरों का सामने आना कहीं न कहीं उन्हें भी प्रभावित करता है। दोनों ही ग्राम पंचायतों के मामले में उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। जिस पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर ने कहा कि केशवपुर के मामले में सरगुजा कलेक्टर ने स्वयं एक जांच कमेटी संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में बनाई है, जबकि एक कमेटी जिला पंचायत की ओर से उन्होंने भी गठित की है, दोनों ही कमेटियां जांच कर रही हैं।

शासकीय दस्तावेजों से छेड़छाड़ का अपराधिक मामला
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि आत्मानंद महाविद्यालय में समतलीकरण का मामला बहुत ही गंभीर है। पांचवी अनुसूची वाले क्षेत्र में ग्राम पंचायत को किनारे कर सब इंजिनियर के खाते में राशि गई और बिना कार्य किए इसे निकाल लिया गया। आरटीआई में एमबी बुक की पूरी कॉपी उपलब्ध करा दी गई, दूसरी ओर थाने में एफआइआर भी दर्ज करा दिया गया कि एमबी बुक गुम हो गई है। यह पूरी तरह से शासकीय राशि के दुरूपयोग के साथ शासकीय दस्तावेजों से छेड़छाड़ एवं अपराधिक मामला है। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें।

डीएमएफ की राशि का हुआ बंदरबांट
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत जनपद सदस्य विकास निधि में बगैर जनपद सदस्यों की अनुशंसा एवं जानकारी के राशियों का बंदरबाट किया गया, इसकी भी जांच कराई जाए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने 2018-19 में डीएमएफ से हुए कार्यों की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि बड़ी मुश्किल से मिल पाती है। जिन क्षेत्रों में खनन कार्य चल रहे हैं वहां के लोग कई तरह से प्रभावित हैं और जिले में डीएमएफ की राशि का बंदरबाट किया जा रहा है।

लाखों हो गए खर्च, जिपं सदस्य को पता नहींआदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने मैनपाट के मांझी युवााओं के सांस्कृतिक गतिविधियों पर खर्च 26.04 लाख रुपये एवं मांझी समाज को जागरूक करने पर खर्च 20 लाख रुपये व विशेष पिछड़ी जनजातियों को टार्च और रेडियो वितरण के नाम पर खर्च किए गए 28 लाख रुपये के हितग्राहियों की जानकारी सहित जांच कराते हुए सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैनपाट के जिला पंचायत सदस्य को ऐसे किसी कार्य की जानकारी नहीं है। राशि कहां खर्च हुई इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जनपद पंचायत लुण्ड्रा में जनवरी 2021 से दिसम्बर 2023 तक हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार के सभी योजनाओं के बचत राशियों से हुए कार्य की जांच एक कमेटी बनाकर कराने कहा है। इसकी मांग वहां के जनपद सदस्यों ने पहले ही की है।

जनपद सीईओ ने कैसे खर्च कर दी राशि
जिपं उपाध्यक्ष ने कहा है कि आईएपी योजना, बीआरजीएफ योजना सहित विभिन्न योजना जिसमें कलेक्टर की अनुशंसा से राशि जारी होनी चाहिए, वहीं लुण्ड्रा में जनपद के सामान्य सभा में कोई विषय लाए बिना जनपद सीईओ ने कैसे इन योजनाओं की राशि अपने हस्ताक्षर से खर्च कर दी, इसकी भी जांच कराई जाए।

विद्युतीकरण की राशि निकालने के बाद काम नहीं-राकेश गुप्ता
जिला पंचायत सदस्य एवं जिला कांग्रेस के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि कई जगह से यह खबर आ रही है कि बिना कार्य किए ही आंतरिक विद्युतीकरण योजना की राशि निकाली जा रही है। इसके लिए जिला पंचायत के सामान्य सभा से विद्युत विभाग को एजेंसी बनाया गया है। विद्युतीकरण का कार्य वहां करना है, जहां पर बिजली नहीं पहुंच पाई हो अथवा ऐसे स्थान जहां कृषकों द्वारा सप्लाई हेतु विद्युत पोल की मांग की गई है, वहां तक बिजली पहुंचाना है, लेकिन बिना कार्य किए काफी राशि निकाल ली गई। इस कार्य को शीघ्र करवाने का आग्रह किया गया है।

समस्त योजनाओं की, जिनमें शिकायत आ रही है, इसकी जांच होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार करने वाले लोगों पर लगाम लग सके। कार्रवाई नहीं होने के कारण ही इस तरह की स्थिति बन रही है। भ्रष्टाचार करने से अधिकारी व कर्मचारी बाज नहीं आ रहे हैं।      
मधु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष

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