रुद्र अवस्थी

“ छत्तीसगढ़ में आपने भाजपा की सरकार बनाई है…।अब अगली बार भी देश में मोदी की सरकार बनानी है….। मोदी की गारंटी पत्थर की लकीर है….। मैं भी पक्का आदमी हूं…. आपसे 11 सीट का वादा लेकर जाऊंगा….”। ये बातें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब छत्तीसगढ़ के जांजगीर शहर में एक आमसभा में कहीं तो इसके मायने समझे जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में जांजगीर से बीजेपी के लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज करने पहुंचे अमित शाह ने जब यह बात कही तो इसका सीधा मतलब यही निकाला जा सकता है कि बीजेपी इस बार हिंदी पट्टी में एक-एक सीट पर पूरी ताकत लगाकर चुनाव मैदान में उतरने वाली है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की रणनीति पर 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में शानदार जीत दर्ज़ की थी । अब उनकी मौज़ूदगी में लोकसभा चुनाव अभियान के आगाज़ को सूब़े की सभी ग्यारह लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत के रोडमैप की तरह देखा जा रहा है..। 

फरवरी महीने की 22 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे। उनके इस दौरे को बीजेपी के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की तरह देखा गया। अपने इस दौरे में उन्होंने जांजगीर में एक आम सभा को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव के आगाज़ के लिए जांजगीर के हाई स्कूल मैदान का चयन करने के पीछे भी एक वजह मानी जा रही है। दरअसल यह जांजगीर लोकसभा सीट छत्तीसगढ़ की एकमात्र सीट है जो अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। इस लोकसभा सीट के साथ यह बात भी जुड़ी हुई है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में सिर्फ जांजगीर लोकसभा क्षेत्र का ही इलाका ऐसा था, जहां सभी की सभी आठ विधानसभा सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ का यह हिस्सा बीजेपी के लिए अहम् हो गया है और शायद इस वज़ह से इस इलाक़े की ओर ख़ास तवज्ज़ो दी जा रही है। वैसे बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव के समय भी इसी तरह की रणनीति पर काम किया था। पार्टी को इसका लाभ भी मिला। 

बीजेपी ने हाल के विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद सबसे कमजोर समझे जाने वाले हिस्से से ही अपने लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की है। बीजेपी की इस रणनीति का एक मतलब यह भी निकाला जा सकता है कि पार्टी इस बार उत्तर भारत में छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में ज्यादातर सीटों पर अपनी जीत दर्ज करने की तैयारी में है। हालांकि छत्तीसगढ़ छोटा राज्य माना जाता है। जहां लोकसभा की 11 सीटें हैं। 2019 के पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 11 में से 9 सीटें मिली थी। लेकिन पार्टी को लगता है कि जिन दो सीटों पर वह पिछली बार नहीं जीत सकी थी, उसे फिर से हासिल करना है।जिससे राष्ट्रीय स्तर पर नंबर गेम के दौरान कोई कमी ना रह जाए। इस रणनीति के तहत काम करते हुए भाजपा इस बार छत्तीसगढ़ की एक-एक सीट पर पूरी ताकत लगाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। 

छत्तीसगढ़ में हाल के विधानसभा चुनाव के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खास दिलचस्पी ली थी। चुनाव के शुरुआती दौर में उनके छत्तीसगढ़ दौरे लगातार हुए। उम्मीदवारों के चयन से लेकर बाकी तैयारी पर भी उन्होंने पूरी नज़र रखी। अमित शाह ने ही मोदी की गारंटी के नाम से तैयार किया गया बीजेपी का घोषणा पत्र छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के सामने रखा था। जाहिर सी बात है कि चुनाव नतीजे ने यह साबित किया कि मतदाताओं ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और बीजेपी को जीत हासिल हुई। 

लोकसभा चुनाव की तैयारी का आगाज करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर मोदी की गारंटी का जिक्र किया। जांजगीर हाई स्कूल मैदान में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात दोहराई कि मोदी की गारंटी पत्थर की लकीर है ।छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने बीजेपी की सरकार बनाई और 2 महीने में ही मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादे पूरे कर दिए। इसे सामने रखते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे इस बार छत्तीसगढ़ की सभी 11  सीटों पर जीत का वादा लेकर वापस लौटेंगे। उन्होंने अपने भाषण में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कामों का जिक्र किया। जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक, धारा 370 ,चंद्रयान ,जी-20 सम्मेलन, ओबीसी संवैधानिक आयोग जैसी बातों का भी जिक्र आया। उन्होंने यह बात भी कहीं कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए लोकसभा का यह चुनाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अपनी बात रखी। 

वैसे तो देश की चुनावी राजनीति में बीजेपी की तैयारी का एक अपना अंदाज है । जिसकी चर्चा हर समय होती है। इस बार भी लोकसभा चुनाव की दहलीज़ पर एक बार फिर छत्तीसगढ़ में चुनाव अभियान का आगाज़ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी झलक दिखा दी है और अपनी पार्टी को विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी जीत का रोडमैप दे गए हैं। इसका कितना असर होगा, यह जानने के लिए राजनीतिक समीक्षक भी आने वाले वक़्त का इंतज़ार कर रहे हैं।

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