सूरजपुर।अविश्वास प्रस्ताव से जहां जनपद अध्यक्ष पद से बेदखल कर दिए गए है वहीं उपाध्यक्ष की कुर्सी कोरम के अभाव में बच गई है।सूरजपुर जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों में जबरदस्त आक्रोश है।जनपद सदस्यों का आरोप था कि बैठक नहीं लेते है और ना ही सदस्यों की बात सुनते है। जिंसको लेकर जनपद सदस्यों में नाराजगी थी। जिंसके कारण लामबंद हुए जनपद सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी थी।बुधवार को जनपद अध्यक्ष के बाद आज गुरुवार को उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होना था।परंतु 25 जनपद सदस्यों में मात्र 15 सदस्य ही उपस्थित हुए, जबकि गणपूर्ति के हिसाब से दो तिहाई  17 जनपद सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी।इस तरह अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका और ध्वस्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई के लिए डिप्टी कलेक्टर प्रिया रानी गुप्ता को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था जबकि सहयोगी के रूप में जनपद पंचायत के अधिकारी उपेंद्र तिवारी थे।जबकि बुधवार को जनपद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है।जिससे वे पद से बेदखल हो गए है। पीठासीन अधिकारी वर्षा बंसल के द्वारा कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा गया है वहां से निर्देश प्राप्त होने के बाद जनपद अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सम्भवतः 10 से 15 दिन के अंदर  नए जनपद अध्यक्ष का चुनाव सम्भव हो सकेगा।

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