पाकिस्तान से चार बच्चों को लेकर आई सीमा हैदर की काबलियत और कुछ हरकतें शक पैदा कर रही हैं। इस वजह से कहीं वह आईएसआई एजेंट तो नहीं, इसका जवाब अभी नहीं मिल पाया है। पुलिस ने इस सवाल को केंद्रीय एजेंसियां के पाले में डाल दिया है।

खास बात यह है कि पांचवीं पास सीमा हैदर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा का अच्छा ज्ञान रखती है। इसके अलावा वह कंप्यूटर और मोबाइल चलाने में भी एक्सपर्ट है और इनकी बारीकियों की जानकारी रखती है।

सीमा ने भारत आने के लिए सभी दस्तावेज जुटाए। नेपाल आने पर उसके पाकिस्तानी मोबाइल और सिम तोड़ा, नेपाल में नए सिम कार्ड खरीदकर सचिन से संपर्क साधा और उससे बात करती हुई भारत में आ गई।

सीमा से पुलिस ने जितने सवाल पूछे इन सवालों का जवाब वे सचिन के प्यार और पति से अलगाव को जोड़कर देती रही, लेकिन जब उसके मायके, ससुराल और सहेली आदि से संबधित सवाल किए गए तो वह अधिकांश से रिश्ता नहीं होने आदि का हवाला देती रही।

इसके बावजूद पुलिस ने उसके कुछ करीबियों के नंबर पूछकर बात कराने का प्रयास किया लेकिन कोई भी नंबर नहीं लगा। सीमा दावा कर रही है कि उसका भारत आने के बाद पाकिस्तान में किसी से संपर्क नहीं किया, लेकिन उसके पाकिस्तानी मोबाइल व सिमकार्ड तोड़कर नेपाल में फेंकना शक पैदा कर रहा है

क्योंकि उसने अपने पाकिस्तानी होने के अन्य दस्तावेज को नष्ट नहीं किया बल्कि इन्हें सुरक्षित लेकर आई है। मोबाइल के संबंध में वह गिरकर टूटने की भी बात कर रही है। उसने शुरुआत में अपने भाई को पाकिस्तानी आर्मी में बताया था लेकिन मीडिया के पूछने पर इनकार कर दिया।
पाकिस्तानी मोबाइल और सिम की जांच एजेंसियां और एफएसएल के जिम्मे
डीसीपी ने बताया कि सीमा के पाकिस्तानी मोबाइल और सिम को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। केंद्रीय एजेंसियों को भी इनकी जानकारी दी गई है। अंतरराष्ट्रीय मोबाइल व सिम की जांच केंद्रीय एजेंसियां सही ढंग से करा पाएंगी। इसके लिए एजेंसियां इंटरपोल की भी मदद लेगी। इसके अलावा अब तक सीमा की बताई कहानी उसके बैक ग्राउंड आदि के संबंध में जांच गहनता से जांच होगी।

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