गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। शासकीय अंग्रेजी शराब दुकानों में मनमाना तरीके से कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला आए दिन सामने आ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है। शहर में संचालित शराब दुकानों में शासन के नियमों के विपरीत उम्रदराज लोगों की नियुक्ति कर दी गई है। यही नहीं इनके द्वारा पेश किए गए शिक्षा के दस्तावेजों का निरीक्षण मनमाफिक तरीके से करके इन्हें प्रश्रय देने का काम किया गया है, जिससे स्थानीय बेरोजगारों को यहां काम करने का अवसर नहीं मिला।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि यहां ऐसे कर्मचारी भी काम कर रहे हैं, जो रांची से कथित रूप से यूनिवर्सिटी की शिक्षा हासिल करने के बाद छत्तीसगढ़ में हायर सेंकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में शामिल हुए हैं। इनकी उम्र अधेड़ावस्था को पार कर रही है, जबकि नियम के तहत यहां नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों की आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है। तिकड़म में माहिर इन कर्मचारियों के द्वारा शहर में मिलावटी शराब के साथ ही लोगों के सेहत के साथ किस प्रकार खिलवाड़ किया जा रहा है, यह कई बार शराब की शीशियों में फंगस, कीड़े के रूप में सामने आ चुका है। स्वयं आबकारी अमले की बाहरी टीम के द्वारा औचक दी गई दबिश में मिलावटी शराब के गोरखधंधा का पर्दाफास हुआ था, इसके बाद भी जिम्मेदार कर्मचारियों को पहल करने की जरूरत महसूस नहीं की गई। वर्तमान में यहां ऐसे कर्मचारी पदस्थ हैं, जो पूर्व से ही सुर्खियों में रहे हैं। स्थानीय आबकारी विभाग के अधिकारी भी जैसे इन्हें खुली छूट देकर रखे हैं। इनके शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच हो, तो कई प्रकार से फर्जीवाड़ा का मामला सामने आएगा।

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