रामानुजनगर। भारतीय जनता पार्टी का चलबो गोठान खोलबो पोल कार्यक्रम ने रामानुजनगर विकासखण्ड में लाखों रुपए खर्च कर बने गोठानों की पोल खोल कर रख दी है। भाजपा के इस मुहिम के पहले ही दिन जिन गोठानों में नेता पहुंचे वहां के हालात बेहद खराब पाए गए। किसी भी गोठान में न कोई गौवंश हैं न उनके चारे पानी की व्यवस्था है। प्रशासनिक दबाव में सचिवों ने एक एक ट्रैक्टर गोबर ले जाकर गोठानो में डालकर गोबर खरीदी की औपचारिकताएं पूरी कर दी है।हालत इतने खराब हैं कि कुछ गोठान निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को उनका मजदूरी भुगतान भी नहीं किया गया है। वहां के मजदूर दो दो साल से मजदूरी पाने का इंतजार कर रहे हैं।

प्रदेशव्यापी कार्यक्रम चलबो गोठान खोलबो पोल के तहत यहां रामानुजनगर मंडल के कार्यक्रम प्रभारी जिला पंचायत सदस्य अजय श्याम ने अपने टीम के साथ शनिवार से गोठानों का दौरा शुरू किया। और पहले दिन ग्राम पंचायत पिवरी मकरबंधा अर्जूनपुर परमेश्वरपुर आदि गांवों का दौरा कर बताया कि भूपेश बघेल सरकार द्वारा गौठानों की योजना का जिस तरह ढिंढोरा पीटा जा रहा है कि सरकार ने गांव गांव में गौवंश की सुरक्षा के लिए गौठान का निर्माण किया है तथा उसके साथ साथ गोबर व गौ मूत्र खरीदी कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया गया है । सरकार का यह दावा खोखला है और कांग्रेस की प्रदेश सरकार का यह दावा न सिर्फ खोखला है बल्कि गांव गांव में खोले गए गोठान सरकार के भ्रष्टाचार के बड़े उदाहरण हैं। गोठानों में कभी भी कोई मवेशी नहीं रखा गया है चारे पानी के नाम पर कहीं कुछ नहीं है जबकि पैरा खरीदी के लिए 50 50 हजार रुपए दिए गए हैं। औचित्यहीन स्थानों पर गांव से बाहर बने गोठानों में शायद ही कोई गांव व्यक्ति कभी गया हो। कार्यक्रम प्रभारी जिला पंचायत सदस्य अजय श्याम के साथ दौरे पर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गौबर खरीदी गौमूत्र खरीदी गोठानों में महिला समूहों द्वारा संचालित मुर्गी पालन आदि कार्य के लिए करोड़ों में राशि उनके खाते में अंतरण किया जाता है, जबकि गोठानों में ऐसी कोई गतिविधियां संचालित नहीं हो रहे हैं तो उक्त राशि किनके खातों में जमा हो रहा है,यह बड़ा सवाल है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह ने कहा कि समूचे छत्तीसगढ़ में बिना किसी ठोस योजना के गौठान के नाम पर 1300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। श्री मरकाम ने कहा नरवा गरूवा घुरवा बारी के नाम पर काम करने वाली भूपेश बघेल सरकार को गौवंश के नाम पर भ्रष्टाचार का पाप लगेगा। सुरेश सिंह मरकाम ने बताया कि गोठनों में भ्रमण के दौरान कुछ गांवों में यह शिकायत मिली है कि गोठान निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों को उनका मजदूरी भुगतान तक नहीं मिला है। और सरकार गोठनों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का दावा करती है उसके झूठे दावों की पोल ग्रामीणों के समक्ष खुल रहे हैं।

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