पूरी दुनिया स्वच्छ पर्यावरण के लिए अक्षय ऊर्जा को अपना रही है। अब फॉसिल फ्यूल का उपयोग धीरे धीरे कम होगा और आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा से यह रिप्लेस हो जाएगा। इसी कड़ी में प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हॉफ बिजली नहीं बल्कि मुफ्त बिजली मिले और इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। अक्षय ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग स्वच्छ, सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगा। बिजली आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए लक्ष्य तय किए गए हैं और इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ में परंपरागत ईंधन के स्रोतों से पर्यावरण को हो रही क्षति को देखते हुए सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बड़ा परिवर्तन ला रहा है। प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के आमजनों और किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में भी नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो रहा है और सुदूर अंचल के गांव इससे रोशन हो रहे हैं। सौर ऊर्जा से संचालित ई रिक्शा का संचालन किफायती हो गया है और ई रिक्शा चालकों के आय में वृद्धि हो रही है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। प्रदेश में अधिक से अधिक गरीब परिवारों को इससे लाभान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान बजट में किया गया है। ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इससे ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और हम भविष्य की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे।

सौर संयंत्रों की गुणवत्ता की जांच

भारत सरकार एवं राज्य सरकार की सौर आधारित महत्तवपूर्ण योजनाओं के माध्यम से राज्य के नागरिकों को लाभ पहुंचाने का कार्य गैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों के क्रियान्वयन हेतु राज्य एवं केन्द्र सरकार की नोडल एजेंसी क्रेडा द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार कार्यों की उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं इसमे जीरो टॉलरेंस नीति को फलीभूत करने का कार्य क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा द्वारा सत्त रूप से किया जा रहा है। इस जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत संयंत्रों के गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए श्री राणा द्वारा स्वयं ही ताबड़तोड दौरे किये जा रहे है। इसी की निरंतरता में राजेश सिंह राणा ने बस्तर संभाग के बस्तर जिला के विभिन्न ग्रामों में जल जीवन मिशन योजना एवं सौर सुजला योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया। सीईओ ने जिला बस्तर के विकाखण्ड-बकावण्ड के ग्राम- चोलनार में सौर सुजला योजना फेस-09 अन्तर्गत स्थापित सोलर पंप का निरीक्षण किया। साथ ही संयंत्र से लाभान्वित हितग्राही से संयंत्र की उपयोगिता के विषय में जानकारी ली। जिसमें हितग्राही द्वारा संयंत्र के सुचारू रूप से कार्यशील होने एवं पेयजल की मूलभूत सुविधा हेतु संयंत्र के सहायक होने की जानकारी दी गई एवं संयंत्र की कार्यशीलता पर प्रसन्नता जताई। बस्तर-विकासखण्ड के ग्राम-मुण्डापाल पहुंचे राजेश सिंह राणा ने सौर सुजला योजना फेस-09 अंतर्गत स्थापित सोलर पंप का निरीक्षण किया। जिसमें संयंत्र कार्यशील पाया गया। लाभान्वित हितग्राही चुन्नुराम द्वारा बताया गया कि, उनके खेत में बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण सोलर पम्प स्थापना के लिए बहुत इच्छुक था, इस कारण मेरे द्वारा कृषि विभाग से सम्पर्क कर आवेदन प्रस्तुत किया गया था अब क्रेडा विभाग से सोलर पम्प स्थापित हो जाने से मैं बहुत खुश एवं उत्साहित हूँ। हितग्राही द्वारा बताया गया कि अब उनके द्वारा उपलब्ध 02-03 एकड़ कृषि भूमि में वर्ष भर फसल लिया जावेगा। सी.ई.ओ. क्रेडा द्वारा हितग्राही को संयंत्र में किसी प्रकार की खराबी आने पर कंट्रोलर में दर्शित क्रेडा के टोलफ्रीनम्बर 1800-123-4591 एवं इकाई के दूरभाष नम्बर पर तत्काल सूचित करने हेतु कहा गया। सौर सुजला योजना से सोलर पम्प स्थापित हो जाने से हितग्राही द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।

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