समिति प्रबंधक के विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया
अंबिकापुर। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के सेमराखुर्द निवासी राजाराम कोड़ाकू ने आदिम जाति सेवा सहकारी के प्रबंधक संतोष नाविक के विरुद्ध फर्जी तरीके से उसके खाता से एक लाख 54 हजार 500 रुपये आहरण करने की शिकायत थाना चन्दौरा में की है। रिपोर्ट पर पुलिस ने आवश्यक जांच, कार्रवाई के बाद समिति प्रबंधक के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।
राजाराम कोड़ाकू आ. बृजमोहन कोड़ाकू उम्र 54 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि जिला सहकारी बैंक शाखा प्रतापपुर में उसका खाता है। वर्ष 2023-24 में वह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दवनकरा में 142 बोरी धान बिक्री किया था। धान बिक्री करने के तीन दिवस बाद जनवरी 2024 में समिति प्रबंधक संतोष नाविक उसे दवनकरा में स्थित अपने कार्यालय में बुलाया और खाता नंबर गलत बताते हुए सुधार कराने का झांसा देकर मूल पासबुक एवं आधार कार्ड ले लिया था। इसके बाद धोखाधड़ी करते हुए फर्जी तरीके से 06.02.2024 से 03.05.2024 के बीच उसके खाता से 01 लाख 54 हजार 500 रुपये आहरण कर लिया। पुलिस ने प्रथम दृष्टि में राजाराम कोड़ाकू के द्वारा लगाए गए आरोप को सही पाते हुए समिति प्रबंधक संतोष नाविक के विरुद्ध धारा 420 भादंसं का मामला दर्ज किया है। ग्रामीण का आरोप है कि उसके खाते से बिना सहमति और हस्ताक्षर लिए फर्जी तरीके से राशि का आहरण किया गया है। वर्ष 2023-24 में वह खरीफ सीजन में 22 हजार 199 रुपये का कर्ज लिया था और 24.01.2024 को 56.80 क्विंटल धान बेचा था, जिसमें से कर्ज की राशि कटने के बाद उसके खाता में 01 लाख 01 हजार 795 रुपये 40 पैसा प्राप्त हुआ। इसके अलावा धान के बोनस की राशि 12.03.2024 को 52 हजार 85 रुपये 60 पैसे प्राप्त हुआ था। धान बेचने से पूर्व उसके खाते में 1669.90 रुपये शेष था। ऐसे में उसके बचत खाता में कुल 01 लाख 55 हजार 544 रुपये 90 पैसा शेष होना चाहिए था। आरोप है कि धान बेचने के बाद उसी दिन समिति प्रबंधक संतोष नाविक ने छलपूर्वक बैंक पासबुक व आधार कार्ड लिया। कुछ दिन बाद पासबुक मांगने पर टाल-मटोल की स्थिति बन रही थी। पासबुक मिलने के बाद जब वह धान की राशि आहरण करने सहकारी बैंक प्रतापपुर गया तो बैंक के कर्मचारी ने बताया कि खाते में 13 सौ रुपये शेष है। समिति प्रबंधक से पूछने पर उन्होंने कहा कि पैसा वापस आ जाएगा। कुछ दिनों बाद जब वह बैंक से स्टेटमेंट लिया तो पता चला कि खाते से 08.02.2024 को 20 हजार रुपये, 07.02.2024 को 20 हजार रुपये, 09.02.2024 को 20 हजार रुपये, 27.02.2024 को 38 हजार रुपये, 03.04.2024 को 49 हजार रुपये, 03.05.2024 को 7500 रुपये, कुल 01 लाख 54 हजार 500 रुपये फर्जी तरीके से आहरण किया गया है। आदिवासी किसान दुकानों से उधार में धान बीज, कीटनाशक लिया है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। किसान ने खाते से आहरण की गई राशि वापस दिलाने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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