राजधानी दिल्ली के भोगल में मंगलवार की सुबह एक ज्वेलरी शॉप का शटर खुला। दुकान के अंदर से धूल की गुबार बाहर आई। सभी लोग हैरानी के साथ दुकान के अंदर गए और अपना-अपना सिर पकड़ लिए। दुकान में रखे सारे सोने-चांदी और हीरे गायब थे। दिल्ली की ‘सबसे बड़ी’ चोरी की खबर सामने आई। चोरों ने 25 करोड़ रुपए के आभूषण को गायब कर दिया। इस घटना को अंजाम देने वालों को पुलिस ने पकड़ लिया है। मुख्य आरोपी या यूं कहें कि चोरों के सरदार की पहचान लोकेश श्रीवास के रूप में हुई है। महाचोर लोकेश कोई छोटा-मोटा चोर नहीं है। कई राज्यों में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। वो सिर्फ सोने-चांदी पर हाथ मारता था। लेकिन अब उसका सोने वाला खेल खत्म हो गया है। आइए जानते हैं लोकेश की पूरी क्राइम कुंडली…

5 करोड़ की लूट के बाद भी नहीं भरा मन
साल 2019 में भी महाचोर लोकेश ने एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था। ‘आजतक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकेश ने 2019 में छत्तीसगढ़ के पारख ज्वैलर्स नाम की एक दुकान में चोरी की थी। तब उसने 5 करोड़ रुपए का सामान लूटा था। जो तरकीब आरोपी ने दिल्ली में अपनाई थी उसी तर्ज पर उसने वहां भी इस बड़ी घटना को अंजाम दिया था। लेकिन इतनी बड़ी लूट के बाद भी उसका मन नहीं भरा। वो एक ‘महाचोरी’ की घटना को अंजाम देने के लिए परेशान था। आखिरकार उसने दिल्ली के उमराव सिंह ज्वैलर्स को अपना टारगेट बनाया।

कई बार जा चुका है जेल
लोकेश को महाचोर यूं ही नहीं कहा जा रहा है। वो चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आदि कई राज्यों में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस ने कई बार उसे गिरफ्तार किया है और जेल में भी डाला है। लेकिन जेल से निकलते ही वो अगली चोरी की प्लानिंग बनाने लगता है। उमराव सिंह ज्वैलर्स की चोरी उसके जीवन की सबसे बड़ी चोरी बताई जा रही है।

कैसे पकड़ा गया ‘चोरों का सरदार’
छत्तीसगढ़ पुलिस को यह इनपुट मिली को लोकेश दुर्ग जिले में छिपा हुआ है। दुर्ग के स्मृति नगर इलाके में उसने किराए पर एक कमरा लिया था। हैरानी की बात यह है कि उसका कमरा पुलिस चौकी से कुछ ही मीटर की दूरी पर था। जब पुलिस पूरी जानकारी जुटाने के बाद वहां पहुंची तो उसी कमरे में फर्श पर बिखरे हुए करोड़ों रुपए के सोने मिले। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

Categorized in: