दिसम्बर माह से ही पीलिया से पीड़ित आ रहे थे सामने, डोर-टू-डोर सर्वे शुरू

अंबिकापुर। नगर निगम अंबिकापुर के मोमिनपुरा सहित आसपास के इलाके में दूषित पानी पीने से पीलिया से ग्रसित 42 से अधिक लोगों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य प्रबंधन और निगम प्रभावित क्षेत्र पहुंच कर पीड़ितों की घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने में जुट गया है। वार्डवासी बताते हैं कि दिसम्बर 2025 से ही सर्वाधिक बच्चे पीलिया से पीड़ित सामने आ रहे थे। हाल में एक सप्ताह पूर्व आधा दर्जन से अधिक पीलिया से पीड़ित एक ही इलाके से जब सामने आए, तो स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी और एहतियात बरतते हुए सीएमएचओ ने 17 फरवरी को इसकी जानकारी लिखित में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सरगुजा को दी। 14 फरवरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ की इंचार्ज डॉ. जया अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्र से लिए गए पेयजल सैंपलों की जांच मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई। इसके बाद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। कई नमूनों में एमपीएन की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। कुछ सैंपलों में 22 से 28 एमपीएन प्रति 100 एमएल तक बैक्टीरियल लोड दर्ज किया गया, जो पेयजल की श्रेणी में स्वीकार्य नहीं है। मानक के अनुसार पेयजल में एमपीएन की संख्या शून्य होनी चाहिए। 10 से अधिक एमपीएन संदिग्ध तथा 50 से अधिक अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है।
मोमिनपुरा, नवागढ़, श्रीगढ़ सहित आसपास के इलाके में पीलिया से पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखकर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम व नगर निगम के जिम्मेदार वार्ड में पहुंचे। इस दौरान जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे करके पीलिया से पीड़ितों की जानकारी एकत्र की, वहीं 20 से अधिक घरों से निगम के द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी का सेंपल लिया है। इनके द्वारा घर-घर जाकर उबालकर पानी पीने की सलाह दी जा रही है। बच्चों का विशेष ख्याल रखने के लिए कहा जा रहा है, ताकि बीमारी का फैलाव न हो पाए। वार्ड के लोगों का कहना है कि कई बार नगर निगम दूषित पानी की सप्लाई करता है, जिससे लोग बीमार हो रहे है। बड़ी बात यह है कि दिसम्बर से पीलिया के फैलते प्रकोप के बीच नगर निगम सप्लाई किए जाने वाले पानी से फैलती बीमारी को लेकर बेखबर रहा। जब स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ ने पत्र लिखकर अवगत कराया तो निगम का अमला हरकत में आया है, और डोर-टू-डोर पानी का सेंपल एकत्र करने की कवायद शुरू हो पाई है। वार्ड के लोगों से चर्चा में यह भी सामने आया कि निगम क्षेत्र में कई पानी के पाइप लाइन नालियों से होकर गुजरा है, जिससे पानी के दूषित होने का खतरा है। सीवर में पाए जाने वाले फिकल कोलीफॉर्म और ई-कोलाई की पेयजल में मौजूदगी जलजनित गंभीर बीमारियों का कारण है, जो क्षेत्र में बढ़ते पीलिया मामलों से सीधे तौर पर जुड़ी हो सकती है। बहरहाल अब निगम व स्वास्थ्य विभाग का अमला ज्वाइंट सैंपलिंग और सर्वे की ओर अग्रसर हुआ है। स्वच्छता के क्षेत्र में लोहा मनवाने वाले नगर निगम अंबिकापुर क्षेत्र में जल सप्लाई का ऐसा हाल बेहद चिंताजनक है, जिसे समय रहते दुरुस्त करने की जरूरत है।

वार्ड के लोगों ने कहा-आता था मटमैला, बदबूदार पानी

दिसम्बर 2025 से जनवरी 2026 के बीच पीलिया से ग्रसित बच्चों के स्वजन निसार अहमद, बेलाल खान, मो. शमशाद ने कहा कि कई बार मटमैला पानी सप्लाई में आता था, और महक ऐसी रहती थी कि उबकाई आ जाए। मजबूरी में वे उसी पानी का उपयोग कर रहे थे। हालांकि इनके द्वारा स्वीकार किया गया कि वर्तमान में पानी साफ आ रहा है। बेलाल खान ने कहा कि उनके यहां बारहों महीने उबाला हुआ पानी ही पीने के लिए उपयोग किया जाता है। फ्रिज के पानी का उपयोग वे गरमी के समय भी नहीं करते हैं, और न ही परिवार के सदस्य ऐसे पानी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। इसके बाद भी उनके परिवार से बच्चे को पीलिया हुआ, जिसका उन्होंने समुचित उपचार निजी अस्पताल में कराया था। मो. आवेश 5 वर्ष, मो. अली 10 वर्ष, मो. फैयान खान 12 वर्ष सहित कई बच्चे दिसम्बर से जनवरी माह के बीच पीलिया से ग्रसित हुए थे, जो इलाज के बाद स्वस्थ हैं। बेलाल ने कहा कि वर्तमान में वे पानी का जार लेते हैं, और उसी पानी का उपयोग पीने में पूरे परिवार के लोग करते हैं।

लीकेज की समस्या से कराया गया है अवगत-पार्षद
पार्षद हसन का कहना है कि मोमिनपुरा, नवागढ़ इलाके में कई जगह पेयजल सप्लाई का पाइप लाइन क्षतिग्रस्म हो गया है, इनमें गंदा पानी जाने से स्वास्थ्यगत खतरे की स्थिति बन रही है। उन्होंने बताया कि शहीद अब्दुल हमीद चौक, आरजू होटल के पीछे, नूरानी मस्जिद के पास जैसे क्षेत्रों में पानी के पाइप लाइन से लीकेज की मौखिक जानकारी उन्होंने निगम के जल प्रदाय शाखा के जिम्मेदारों को दी थी, लेकिन वे भी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे थे। डेढ़ माह पूर्व दी गई जानकारी के बाद भी किसी प्रकार की पहल नहीं होने से ऐसे हालात सामने आए हैं।

तकनीकी ऑडिट करके जिम्मेदारी तय किया जाए

मोमिनपुरा क्षेत्र के वार्डों में पीलिया के मरीज सामने आने और पेयजल जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि के बाद नेता प्रतिपक्ष श$फी अहमद ने कलेक्टर से इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए तत्काल समन्वित कार्रवाई करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह केवल एक क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि पूरे शहर की पेयजल सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ नियमित मॉनीटरिंग रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में इंदौर में दूषित पेयजल के कारण फैली बीमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है। अंबिकापुर में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अभी से सख्त और ठोस कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने मोमिनपुरा, नवागढ़, रसूलपुर, जरहागढ़ और श्रीगढ़ क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने, नगर निगम और पीएचई विभाग संयुक्त रूप से व्यापक जल सैंपलिंग अभियान चलाने, जलापूर्ति तंत्र की तकनीकी ऑडिट कर जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया है।

 

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