एआईसीसी के सदस्य ने कांग्रेस के प्रदेशव्यापी आंदोलन को लेकर की पत्रकारों से चर्चा

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशन में जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक अगस्त से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन का मुख्य मुद्दा महंगी बिजली, बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर है।

इसी क्रम में शहर के जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में प्रेस से चर्चा करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि यह आंदोलन लगातार 2 महीने तक चलेगा। कांग्रेस की 3 मुख्य मांगों में बिजली के दाम में की गई बढ़ोतरी को वापस लेना, उपभोक्ताओं को जबरन थोपे गए स्मार्ट मीटर को वापस लेना और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को फिर से शुरू करना है। उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा से अवगत कराते हुए बताया कि एक अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पदाधिकारियों की उपस्थिति में पत्रकार वार्ता आयोजित कर सरकार की नीतियों का विरोध करने के बाद 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के खिलाफ आवेदन फॉर्म भरवाएंगे। उपभोक्ताओं से बढ़े बिल के खिलाफ विरोध पत्र भी भरवाए जाएंगे। दो महीने बाद सभी जिले से एकत्रित आवेदन के साथ सभी जिलों में बिजली दफ्तर का घेराव करके एकत्र किए गए आवेदन जमा किए जाएंगे और इसकी पावती ली जाएगी। अंतिम चरण में सभी जिलों की पावती लेकर रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में सभी बूथ, पंचायत, मंडल, ब्लॉक, जिला कमेटी के पदाधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, डॉ. जेपी श्रीवास्तव, शफी अहमद, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, हेमन्त तिवारी, अरविंद सिंह गप्पू, इंद्रजीत सिंह धंजल, अनूप मेहता, मदन जायसवाल, आलोक सिंह, विनय शर्मा बंटी, आशीष वर्मा सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।

बिजली बिल हॉफ योजना से भी किया वंचित

आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने बताया कि, भाजपा सरकार ने जुलाई माह में घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे और गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे, कृषि में 40 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। सरकार बनने के बाद 5वीं बार दाम बढ़े हैं। पिछले 5 साल में कांग्रेस सरकार ने केवल 2 पैसे बढ़ाए थे और 400 यूनिट तक बिल हॉफ योजना भी लागू की थी। भाजपा ने बिजली बिल हॉफ योजना से तो उपभोक्ताओं को वंचित किया ही है, स्मार्ट मीटर लगाकर इस्टीमेट से ज्यादा बिल भेजा जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

निजी कंपनी को लाभ, उपभोक्ताओं पर बोझ

एआईसीसी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि, निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाए बिजली बिल का बोझ लादने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के शासनकाल में 400 यूनिट बिजली बिल हॉफ योजना के बाद भी विद्युत उत्पादन निगम लाभ में था। इधर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने अभी तक के कार्यकाल में पांच बार बिजली का दाम बढ़ाया है। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में जिस प्रकार स्मार्ट मीटर लगाने की बाध्यता को सरकार ने समाप्त किया, इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मुक्त किया जाना चाहिए।

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