सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी ने बीआरपी को कार्यमुक्त करके मांगा जवाब

अंबिकापुर। सरगुजा कलेक्टर का ध्यान जहां एक ओर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की ओर है, वहीं इन बच्चों के भविष्य की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षा विभाग के बीआरपी (समावेशी शिक्षा) की करतूत के आगे छात्राएं खुद को शर्मसार महसूस कर रही हैं। चार छात्राओं के द्वारा की गई छेड़छाड़ और मोबाइल में संदेश भेजने की शिकायत को जिला शिक्षा अधिकारी ने गंभीरता से लिया है और बस से छात्राओं के आने-जाने की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे बीआरपी को कार्यमुक्त करके मैनपाट रवाना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि छात्राएं व उनके अभिभावक चाहें तो मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा सकते हैं। अभिभावकों की मंशा संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बीआरपी से संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही हैं।

बता दें कि सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान की पहल पर जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग सरगुजा की ओर से नीट परीक्षा की तैयारी की मंशा रखे 164 छात्र-छात्राओं के लिए बीते 28 मार्च से नि:शुल्क आवासीय कोचिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 38 दिनों तक चलने वाले कोचिंग के दौरान इनके रहने, खाने और आवागमन की सुविधा प्रशासन के द्वारा सुनिश्चित की गई है। बच्चों को बेहतर कोचिंग का लाभ मिले, इसके लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। स्वयं कलेक्टर इन बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए इनकी कोचिंग क्लास के बीच पहुंचते हैं और इनसे संवाद, सवाल करते देखे जाते हैं। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाता है। जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर कोचिंग में शामिल हुए बच्चों के लिए ऐसा माहौल तैयार किया गया है, जिससे वे नीट परीक्षा की तैयारी में आने वाले अवरोधों को दूर करने योग्य बन सकेंगे और महंगी कोचिंग से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान इसका लाभ मिलेगा। इन सबके बीच बीआरपी (समावेशी शिक्षा) की करतूत ने शिक्षा विभाग की गरिमा को धूमिल करने का प्रयास किया है। बीआरपी (समावेशी शिक्षा), जिसका नाम छात्राओं ने की गई शिकायत में अनिलेश तिवारी बताया है वह पहले तो छात्राओं का नंबर कहीं से हासिल कर लिया, बाद में सामान्य तरीके से चैटिंग करते-करते खूबसूरत डीपी, पिक्चर किसकी है, तबियत कैसी है, खाना खा लिए जैसी बातें करते हद पार कर गया। इसकी शिकायत डॉयरेक्टर, पुलिस लाइन स्कूल से पीड़ित छात्रा ने की है। छात्राओं ने बीआरपी पर लड़कियों के हॉस्टल तक बस से आने-जाने, छात्राओं को टच करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं बीआरपी ने करतूत का पर्दाफास होने के पहले कई मैसेज को छात्राओं के मोबाइल से डिलीट भी कर दिया है।

बीआरपी से मांगा गया है जवाब, होगी कार्रवाई
बीआरपी पर लगे आरोपों के परिप्रेक्ष्य में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा का कहना है कि नीट की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लास चल रही है। बाहरी छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय व्यवस्था के अलावा कोचिंग के लिए संबंधित स्कूल तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस की व्यवस्था भी जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से सुनिश्चित की गई है। कोचिंग के लिए छात्र-छात्राओं को लेकर बस चालक समय पर रवाना हुआ या नहीं, बस समय पर विद्यार्थियों को लेकर हॉस्टल पहुंची या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग के लिए बीआरपी (समावेशी शिक्षा) की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान छात्रा का नंबर कहीं से लेकर मोबाइल में मैसेज करने सहित अन्य शिकायत मिली है। बीआरपी को कड़ी हिदायत के साथ कार्यमुक्त करके मैनपाट के लिए रवाना कर दिया गया है और उससे 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद संबंधित बीआरपी के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

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