अंबिकापुर। मानवाधिकारों पर हस्तक्षेपरत सामाजिक अभियान नंगे पांव सत्याग्रह के राजेश सिंह सिसोदिया ने प्रदेश के समस्त जिला व सत्र न्यायाधीशों से पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की अनिवार्यता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है वर्तमान में चालान के मुताबिक पीड़िताओं के स्कूल पंजी के आधार पर आरोपित को पॉक्सो एक्ट का आरोपी बना दिया जाता है। स्कूल पंजी में छेड़छाड़ करने में आसानी होती है, जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड में छेड़छाड़ असंभव है। ये भारत सरकार व राज्य सरकारों द्वारा जारी विश्वसनीय दस्तावेज होते हैं। वर्ष 2010 के बाद जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड गांवों में भी आसानी से बन जाते हैं। सिसोदिया ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जेलों में सैकड़ों बंदी, कैदी इस कठोर अधिनियम के तहत निरूद्ध हैं, इनमें से कईयों की आवेदिकाएं युवा अवस्था की हैं, जो पॉक्सो के दायरे में नहीं आती हैं। ऐसे में बहुतायत लोग नीतिगत व चलन के कारण सजा भुगत रहे हैं। तत्संबंध में एक पत्र रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा प्रदेश के सभी जिला व सत्र न्यायाधीशों को भी उन्होंने प्रेषित किया है।

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