जनजातीय गौरव दिवस पर विविध कार्यक्रम का आयोजन
अंबिकापुर। कन्या छात्रावास खोरमा एवं आदर्श कन्या आश्रम प्रतापपुर में स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके टीम के द्वारा विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता, स्वास्थ्य संबंधित प्रश्नोत्तरी, व्याख्यान माला, नशा मुक्ति और टीबी मुक्त भारत के लिए संकल्प, नृत्य और गायन आदि के कार्यक्रम संपन्न हुआ।
खंड कार्यक्रम प्रबंधक सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि अपने राष्ट्र और राष्ट्र के गौरव को सदैव याद रखना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगवान विरसा मुंडा को आज पुरा देश याद कर रहा है। जनजातीय समुदाय के सभ्यता और संस्कृति के रक्षार्थ तथा अंग्रेज़ों के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था विरसा मुंडा ने। उन्होंने जनजातीय समुदाय को एकता के सूत्र में बांधने का भी कार्य किया था। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ एक सेना भी बनाई थी जो अंग्रेजों की सभाओं में तीर चलाकर जंगलों में भाग जाया करते थे। संपूर्ण भारतवर्ष उनके बलिदान को आज याद कर रहा है। टीम प्रभारी डॉ. शिव संतोष ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विकास के बाधाओं को दूर करना होगा। व्यक्ति जब विसंगतियों से दूर रहेगा तब जाकर विकसित भारत का निर्माण कर पाएंंगे। नशा से किसी भी व्यक्ति और समुदाय का भला नहीं हुआ है और न कभी होगा। नशा के कारण कई बिमारियों का जन्म होता है। नशे का लत भी व्यक्ति किशोरावस्था में पकड़ता है। इसलिए व्यक्ति को इस किशोरावस्था को बड़े जतन से रखना चाहिए। पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य समाज के निर्माण के लिए हम लोग शपथ लेंगे और उसका परिपालन भी करेंगे। टीबी मुक्त भारत के निर्माण के लिए सबका साथ और सहयोग आवश्यक है। पड़ोसी स्वस्थ्य तो हम भी स्वस्थ्य। पड़ोस में यदि किसी को टीबी नहीं है तो हमें संक्रमण का भय नहीं रहेगा, इसलिए जिसे भी 14 दिनों से अधिक खांसी है, तो बलगम का जांच हेतु सलाह और सुझाव लें। कार्यक्रम में डॉ. प्रीति लता सिंह, डॉ. दामिनी, रामेश्वरी कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
विशेष ग्रामसभा में सरपंच ने कहा-टीबी, अपराध और नशा मुक्त समाज बनाएंंगे
भगवान विरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर जग्रनाथपुर के पंचायत भवन में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। यहां स्वस्थ्य पंचायत के निर्माण, नशा मुक्ति समाज, टीबी और अपराध मुक्त पंचायत, पेशा एक्ट, वन अधिकार कानून आदि पर विशेष चर्चा के साथ शपथ लिया गया। सरपंच सोनामती केहरी ने बताया कि विगत दिनों एक व्यक्ति जो वर्षों से भटक-भटककर इधर-उधर कभी इलाज कराता था फिर छोड़ देता था। नशा का अत्यधिक लत होने के कारण उसे डाट्स पद्धति से जोड़ा गया। अब वह शराब भी नहीं पीता, नियमित दवा खा रहा है। इसके लिए सरपंच ने पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक के पास फोन भी किया, उसे कई बार समझाया गया। अब वह बिल्कुल स्वस्थ है दवा चल रही है। इसी तरह हमें किसी भी व्यक्ति को बारम्बार समझाने की जरूरत है, बीमार के हालत से हमें मुंह नहीं मोड़ना है। पंचायत के एक भी व्यक्ति को टीबी है तो वह बहुतों को फैला सकता है। सरपंच ने आगे कहा कि जनजाति समुदाय के गौरव भगवान विरसा मुंडा आज भारतवर्ष के गौरव हैं। उनके जयंती पर नशा मुक्ति समाज के लिए शपथ लेंगे। टीबी मुक्त पंचायत का निर्माण कर टीबी मुक्त समाज बनाएंंगे। भारतवर्ष को स्वतंत्रता दिलाने में हमारे आदिवासी समुदाय का अहम् भूमिका रही, जिसमें प्रमुख नाम विरसा मुंडा का है। इन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी। समाज को संगठित कर तीर-धनुष लेकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाए, जिसका प्रभाव सरगुजांचल में भी रहा। कुसमी, जशपुर, शंकरगढ़ तक के लोग जुड़े थे। ग्राम सभा में पिरामल फाऊंडेशन भी सहभागी रहा।

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