जेडआरयूसीसी के सदस्य ने महाप्रबंधक दपूमरे ने कई बिंदुओं पर कराया ध्यानाकर्षण
अंबिकापुर। उत्तर छत्तीसगढ़ में रेलवे सुविधा विस्तार हेतु अंबिकापुर को रेणुकूट से जोड़ने तरूण प्रकाश, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन को जेडआरयूसीसी के सदस्य मुकेश तिवारी ने अंबिकापुर प्रवास के दौरान ज्ञापन सौंपा। इसमें उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का उत्तरी हिस्सा रेलवे की सुविधाओं से लगभग अछूता है। इस संदर्भ में जन आवश्यकता और भावना को देखते हुए अंबिकापुर संभाग मुख्यालय को निकटवर्ती उत्तर प्रदेश के रेणुकूट से रेलवे द्वारा जोड़ना सार्थक सुगम और व्यावहारिक प्रतीत होता है। इससे न केवल प्रदेश के बहुसंख्यक आदिवासी समुदाय राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक काशी, विश्वनाथ, अयोध्या और प्रयागराज से देश की राजधानी तक सुलभ एवं त्वरित आवागमन से तादात्म्य स्थापित होगा बल्कि यहां के औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों में भी गति आएगी। उन्होंने इस संबंध में पूर्व में नगर निगम में पारित प्रस्ताव व विधानसभा में लिए गए संकल्प से भी अवगत कराया है। महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि क्षेत्रवासियों को निराश होने की जरूरत नहीं है, जनहित की दृष्टि से रेलवे मार्ग के विस्तार की पहल होगी।
इसी क्रम में सरगुजा क्षेत्र में रेल परिचालन से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु महाप्रबंधक को सौंपे गए पत्र में जेडआरयूसीसी के सदस्य मुकेश तिवारी ने कहा है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विगत वर्ष अब तक का सर्वाधिक माल लदान एवं सकल अर्जन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसमें सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिले की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजस्व अर्जन में योगदान देने वाले सरगुजा क्षेत्र में आधारभूत संरचना एवं यात्री सुविधाओं में बेहतर कार्य करने के लिए दिल्ली निजामुद्दीन साप्ताहिक ट्रेन का सप्ताह में 2 दिन संचालन एवं सप्ताह में एक दिन कटनी, मैहर, सतना, चित्रकूट, बांदा कानपुर होकर दिल्ली तक आवागमन, साथ ही इसके सामान्य श्रेणी के कोच में वृद्धि आवश्यक है। अंबिकापुर से कोरबा के बीच स्वीकृत फाइनल लोकेशन सर्वे का लघुतर मार्ग अंबिकापुर से लखनपुर उदयपुर केदमा मतरिंगा, सियांग, चिरा, बताती होकर कोरबा तक का सर्वेक्षण, अंबिकापुर से रायपुर के लिए प्रात: काल इंटरसिटी ट्रेन व शहडोल नागपुर ट्रेन का अंबिकापुर से परिचालन, अनूपपुर से अंबिकापुर के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को कोरोना काल से पूर्व के संचालन समय पर प्रात: 9.30 बजे अनूपपुर से एवं कनेक्टिंग ट्रेन प्राप्त करने शाम 4.30 बजे अंबिकापुर से संचालन किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त शहडोल-अंबिकापुर पैसेंजर ट्रेन 18755 बहुधा अत्यंत विलम्ब से चलती है, इस ट्रेन को निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार समयबद्ध तरीके से चलाया जाए, साथ ही हरद, करंजी व कटोरा में ठहराव की व्यवस्था हो।
अनावश्यक घंटों विलंब यात्रियों के लिए तकलीफदेह
जेडआरयूसीसी के सदस्य ने अंबिकापुर रेलवे स्टेशन में स्टेबलिंग लाइन की सुविधा एवं अतिरिक्त प्लेटफार्म के अविलंब निर्माण की मांग भी महाप्रबंधक रेलवे से की है। बताया गया है कि अंबिकापुर रेलवे स्टेशन इस रुट का आखिरी स्टेशन है, जो आमदरफ्त, यात्रियों की संख्या, यात्री गाड़ी व माल गाड़ियों की संख्या एवं उनकी आवाजाही के लिहाज से बड़ा एवं व्यस्त है, किंतु यहां मात्र एक प्लेटफार्म होने के कारण यदि कोई गाड़ी प्लेटफार्म पर खड़ी हो तो पीछे से आने वाली किसी भी यात्री गाड़ी को कमलपुर, विश्रामपुर, करंजी या अन्य किसी स्टेशन में अनावश्यक रुप से घटों खड़ा होना पड़ता है, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी परेशानी है। अतिरिक्त प्लेटफार्म की अनुपलब्धता के कारण निजामुद्दीन से अंबिकापुर की यात्री गाड़ी एवं जबलपुर से अंबिकापुर की यात्री गाड़ी दोनों लगभग हर बार 2-3 घंटे विलंब से अंबिकापुर पहुंचती है। हजरत निजामुद्दीन से अंबिकापुर आने वाली यात्री गाड़ी के यहां पहुंचने का समय संध्या 7 बजे है, किन्तु यह 10 बजे के बाद यहां पहुंचती है और 22 घंटे की लंबी दूरी के बाद शहर से मात्र 15-20 किलोमीटर दूर रहकर भी अनावश्यक घंटों विलंब यात्रियों के लिए असहनीय एवं तकलीफदेह है। जबलपुर से अंबिकापुर की यात्री ट्रेन के पहुंचने का समय रात्रि 11 बजे है। इस ट्रेन से अकेली लड़कियां, महिलांए भी यात्रा करती हैं, यदि ट्रेन लेट हो जाए तो ऑटो इत्यादि की अनुपलब्धता से घर पहुंचने तक वे स्वयं एवं उनके परिजन आशंकाग्रस्त एवं चिंतित रहते हैं। अतिरिक्त प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने से एक ही प्लेटफार्म पर ज्यादा भार पड़ रहा है। स्टेबलिंग लाइन नहीं होने से व्यवहारिक रुप से नई ट्रेन की शुरुआत करने के लिए यह सबसे बड़ी बाधा है। इस पर रेलवे के महाप्रबंधक ने सकारात्मक पहल करने आश्वस्त किया है। इस दौरान आलोक दुबे, कैलाश मिश्रा, विवेक दुबे, करताराम गुप्ता, डीके सोनी अधिवक्ता, पार्षद राहुल त्रिपाठी, मंगल पाण्डेय, शिवेश सिंह, पीयूष त्रिपाठी, अंचल ओझा, अभिषेक सिंह, जितेंद्र सिंह, उज्जवल तिवारी भी उपस्थित थे।

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