जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त ऑपरेशन से नक्सली संगठनों की हालत खराब है। अब तक सैंकड़ों नक्सली आत्म-समर्पण कर चुके हैं या गिरफ्तार और मारे जा चुके हैं। जवान नक्सलियों के स्मारकों को भी साथ ही ध्वस्त कर रहे हैं। मंगलवार को सुरक्षा बलों ने ऐसे 4 स्मारक ढहा दिए।

गौरतलब है नक्सली संगठन 28 जुलाई से 03 अगस्त तक नक्सली शहीदी स्मरण दिवस मनाने की बात कर रहे हैं, ऐसे में नक्सलियों के खिलाफ बीजापुर के थाना जांगला अंतर्गत आने वाले कोटमेटा, इदेर और इंगुम के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस प्रेसनोट से मिली जानकारी के मुताबिक बीते दो दिनों से थाना जांगला, भैरमगढ़ और सीआरपीएफ की 214वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने नक्सली विरोधी एक सर्च अभियान के तहत कोटमेटा के जंगल, इदेर और इंगुम क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में इन्द्रावती नदी के किनारे बने तीन और कोटमेटा गांव में निर्मित एक नक्सली स्मारक को ध्वस्त कर दिया।

सर्च अभियान के दौरान जवानों ने मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की याद में बनाए स्मारकों के साथ-साथ नक्सलियों द्वारा निर्मित मंच, सभास्थल भी तोड़ दिया। इन इलाकों में नक्सली ग्रामीणों को संगठित कर अपना नेटवर्क फैलाते थे। हाल में दंतेवाड़ा से निकले जवानो ने भी इसी तरह से 3 नक्सली ध्वस्त किए थे।

गौरतलब है कि माओवादी सुरक्षा बलों के हाथों मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल जुलाई के अंतिम सप्ताह को शहीदी सप्ताह मनाते है। इस दौरान वे अपने मारे गए सदस्यों की स्मृति में स्मारक बनाते हैं। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई ऐसे ही प्रयासों को विफल करने की रणनीति का एक सफल हिस्सा है।

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