मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग लेकर आबकारी व ट्रांसपोर्ट विभाग लखनलाल देवांगन और केदार कश्यप को दिया
अंबिकापुर/रायपुर। विष्णुदेव कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित विस्तार होने के बाद मुख्यमंत्री ने नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने कुछ मंत्रियों के विभाग कम किए हैं तो कुछ के जिम्मेदारियों में बढ़ोतरी की है। रामविचार नेताम, ओपी चौधरी, दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े लगभग सभी मंत्री विभाग इस बंटवारे में प्रभावित हुए हैं। नए मंत्रियों में गजेंद्र यादव को ठीक-ठाक विभाग मिला है, खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को मिले विभागों पर नजर डालें तो इन्हें मिला तकनीकी और पर्यटन ही कुछ बड़ा विभाग है, शेष काफी हल्के विभाग हैं। मंत्रीमंडल में विस्तार के बाद साय सरकार के पास 14 मंत्री हो गए हैं।
बता दें कि केदार कश्यप के पास केदार कश्यप के पास वन, सिंचाई, सहकारिता और संसदीय कार्य विभाग था, इसमें से सिंचाई विभाग अब मुख्यमंत्री के पास आ गया है। वहीं पूर्व में मुख्यमंत्री के पास आबकारी और ट्रांसपोर्ट विभाग था, इसे क्रमश: लखनलाल देवांगन और केदार कश्यप को सौंपा गया है। पूर्व में लखनलाल देवांगन के पास वाणिज्य और उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम और श्रम विभाग था, एक विभाग की कटौती और एक विभाग के जुड़ने से ये बराबरी में हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के पास पीडब्लूडी, पीएचई, नगरीय प्रशासन और विधि-विधायी था। इसमें से विधि-विधायी को गजेंद्र यादव को दिया गया है, इसके बदले में उन्हें युवा कल्याण और खेल विभाग मिला है। इसी प्रकार उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के पास गृह, जेल, पंचायत, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा तकनीकी शिक्षा विभाग था। इसमें से तकनीकी शिक्षा खुशवंत साहेब को दिया गया है, ऐसे में इनके एक विभाग की कटौती हो गई है। टंकराम वर्मा के पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और युवा कल्याण तथा खेल विभाग थे। मुख्यमंत्री ने युवा और खेल विभाग अरुण साव को दे दिया है। इसके बदले टंकराम वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग दिया गया है। गजेंद्र यादव को मुख्यमंत्री ने सम्मानजनक विभाग दिया है। इन्हें स्कूल शिक्षा के साथ ग्रामोद्योग और विधि-विधायी विभाग दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग मैन पावर की दृष्टि से सबसे बड़ा विभाग है। विधि-विधायी होने से ज्यूडिशिरी से जुड़े काम उनके पास होंगे। ग्रामोद्योग का भी लगभग हर जिले में अपना सेटअप है।
तकनीकी शिक्षा व पर्यटन बड़ा विभाग
तीन नए मंत्रियों में सबसे हल्का विभाग खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को मिला हैं। खुशवंत को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और अनुसूचित जाति विभाग मिला, वहीं राजेश अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग। एक नजर में खुशवंत को तकनीकी शिक्षा और राजेश अग्रवाल को मिला पर्यटन सबसे बड़ा विभाग है। इन्हें हल्का विभाग दिए जाने पर सियासती चर्चा है कि दोनों की पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है। चुनाव से पहले कांग्रेस ज्वाइन कर विधायक बने। जब से इन दोनों के मंत्री बनने का मामला सामने आया, भाजपा के भीतर काफी असंतोष देखा जा रहा था। ऐसे में दोनों को अपेक्षाकृत कमतर विभाग देकर पार्टी में पनपते आक्रोश को दबाने का प्रयास करने की चर्चा हो रही है।
शपथ के बाद सियासी हलचल बढ़ी
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल और गजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल रमन डेका ने इन विधायकों को शपथ दिलाई। पहली बार तीनों विधायक के बाद मंत्री बने। विभागों के बंटवारे के बाद इनके गृहक्षेत्र के लोगों की उम्मीदों के साथ सियासी हलचल बढ़ गई है। राजेश अग्रवाल अंबिकापुर के विधायक हैं। इन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को हराया था। ऐसे में माना जा रहा है कि इन्हें मंत्री पद तोहफे में सरकार ने दिया है। इसके बाद सरगुजा संभाग में 5 मंत्री, बिलासपुर संभाग में 3 मंत्री, दुर्ग संभाग में 3 मंत्री, रायपुर संभाग में 1 मंत्री और बस्तर संभाग में 1 मंत्री हैं। मंत्रीमंडल में रमन सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं को इमौका नहीं मिला है। सरकार ने युवा और नए चेहरों पर भरोसा जताया है।

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