एनएच-343 जाम के बाद अब विधानसभा घेराव की चेतावनी

अंबिकापुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार सहित वित्तीय मामलों में गंभीर आरोप लगाए, और वृहद आंदोलन करने की चेतावनी दी है। अभाविप के प्रदेश मंत्री अनन्त सोनी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विवि के विभिन्न मदों की राशि का अनावश्यक और कथित व्यक्तिगत उपयोग करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय के मद का व्यक्तिगत उपयोग अस्वीकार है।

अनन्त ने कहा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के हितों, सुरक्षा की अनदेखी करके विभिन्न मदों की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। अभाविप ने बिल, वाउचर, बैंक विवरण और स्वीकृति आदेश की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही इस राशि को वसूल करने की मांग की है। इस दौरान अभाविप के जिला संयोजक सत्येंद्र मिश्रा, विभाग संयोजक पलास पांडेय, नगर मंत्री सृष्टि शर्मा भी उपस्थित थे। अभाविप ने बीते दिनों एनएच-343 को 5 घंटे तक जाम करके तत्संबंध में विरोध दर्ज कराया था। इन्होंने वार्ता के दौरान कुलपति पर कई गंभीर आरोप लगाए, और कहा कि हमारी सरकार की गलती है, उन्होंने अयोग्य को कुलपति की दारोमदार सौंप दिया।

करोड़ों के खर्च को लिया सवालों के घेरे में    

अनंत सोनी ने आरोप लगाया कि लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से कुलपति भवन बनवाने के बाद भी कुलपति किराए के भवन में रह रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय के मद से लगभग 50 लाख रुपये का फर्नीचर, एसी, पंखा सहित अन्य सामान खरीदकर निजी उपयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के यूटीडी भवन की जर्जर स्थिति को विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया, और तत्काल तकनीकी इसका निरीक्षण करके मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

टेंडर घोटाला, 2.07 लाख के निजी उपयोग का आरोप

अभाविप ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार सी. एल. टंडन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई कार्य के लिए लगे ट्रैक्टर के 8 लाख रुपये के भुगतान में लगभग 2.07 लाख रुपये का व्यक्तिगत उपयोग हुआ है। इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई। साथ ही टेंडर प्रक्रिया में कुछ टेंडर में एल-1 के बजाय एल-2 को कार्यादेश दिया गया। इनके द्वारा एल-1 और एल-2 के टेंडरों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

शुल्क वृद्धि और भर्ती में पारदर्शिता  

अभाविप ने छात्र कल्याण शुल्क, पीएचडी शुल्क में वृद्धि और सुरक्षा के नाम पर 9.62 लाख और सफाई पर 1.89 लाख खर्च बताकर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। भर्ती प्रक्रिया में नियमों का पालन और निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई। अभाविप ने कहा, जब तक जांच और कार्रवाई नहीं होती है, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा सार्वजनिक धन और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मसलों पर अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन्होंने विश्वविद्यालय में धारा 52 लगाने पर भी विचार करने की मांग की।

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