गंभीर स्थिति में दो घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-43 अंतर्गत बतौली, कुनकुरी में गुरूवार को अलसुबह हुए हादसे में तेज रफ्तार टियागो कार चलती ट्रक के सामने घुस गई, जिससे कार चला रहे युवक और सामने बैठी युवती की मौके पर ही मौत हो गई। कार के पीछे बैठे युवक-युवती कार में फंसे थे, इन्हें डॉयल 112 और ग्रामीणों की सहायता से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया। इनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रिफर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार की सुबह लगभग 5.30 बजे बतौली से टियागो कार क्रमांक सीजी 15 डीपी 3420 में दो युवक व दो युवती सवार होकर कूड़ोपारा सिलमा जा रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में कुनकुरी मुख्य मार्ग पर सीतापुर की तरफ से आ रही ट्रक क्रमांक ओडी 16 डीएम 3138 से आमने-सामने कार सवारों को जोरदार भिड़ंत हो गई। भीषण सड़क हादसे में कार चला रहे कुनकुरी निवासी दुष्यंत तिग्गा पिता हरिया तिग्गा 19 वर्ष और सामने बैठी ग्राम भटको निवासी पूर्णिमा एक्का पिता बालम एक्का 17 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार के पीछे सीट में बैठे काराबेल निवासी अनुज तिर्की पिता जेम्स तिर्की 19 वर्ष और भटको निवासी रेनुका तिर्की पिता जमीर साय 18 वर्ष कार में फंसे रह गए, जिनका पैर बुरी तरह से दबा हुआ था। सहायता के लिए पुकार लगाते दोनों युवक-युवती को डॉयल 112 टीम के राजू कुजूर व आशीष एक्का सहित ग्रामीणों ने कार का गेट तोड़कर बाहर निकाला। दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों घायल युवक-युवती को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रिफर कर दिया गया है। दुर्घटना के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी को बीच सड़क में लॉक करके चाभी लेकर मौके से फरार हो गया, जिस कारण घटनास्थल पर ही ट्रक खड़ी रही। बताया जा रहा है कि कार में पेंट भी रखा हुआ था, दुर्घटना के बाद कार सवार घायल व मृतक पेंट से रंग गए थे। इन्हें काफी मशक्कत के बाद कार से बाहर निकालने में सफलता मिली। पेंट से रंगे होने की वजह से कार सवारों की पहचान में दिक्कत हो रही थी।
शिक्षक पुत्र से कार लेकर गया था दुष्यंत
दुर्घटनाग्रस्त कार बतौली खड़धोवा निवासी शिक्षक सुखसाय पैकरा की बताई जा रही है, जिसमें उनका पुत्र जयकिशन अलसुबह 5.30 बजे घूमने निकला था। उसकी मुलाकात बतौली कुनकुरी निवासी दोस्त दुष्यंत से हुई, जो अपने साथी अनुज, रेनूका, पूर्णिमा के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था। जयकिशन से कार मांग कर दुष्यंत अपने दोस्त काराबेल निवासी अनुज को कूड़ोपारा सिलमा छोड़ने जा रहा था। यहां अनुज तिर्की की बोलेरो वाहन खड़ी थी। दुष्यंत उसे छोड़ पाता, इसके पहले वे सड़क हादसे का शिकार हो गए।
पूर्णिमा पिता की थी इकलौती संतान
कुनकुरी निवासी दुष्यंत और भटको निवासी पूर्णिमा की मौत से स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दुर्घटना में मृत लड़की पूर्णिमा एक्का अपने पिता की इकलौती बेटी थी, जो हर सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए अपनी सहेली रेनुका के साथ निकलती थी। दोनों छात्राएं शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में कक्षा 11वीं व 12वीं में पढ़ती थीं।

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