नए चेहरों को देखकर लोगों ने परिचयपत्र दिखाने कहा तो भाग निकलीं
अंबिकापुर। महिलाओं का गिरोह गरीब बच्चों की मदद करने के नाम पर संस्था के आड़ में सक्रिय है। यह गिरोह शहर सहित आस-पास के इलाकों में जाकर दुकानदारों सहित अन्य लोगों से गरीब बच्चों की मदद करने के नाम पर हाथ पसार रही हैं।
शहर से लगे चिखलाडीह में बुधवार को आधा दर्जन महिलाएं घर-घर जाकर रुपये की मांग कर रही थीं। महिलाओं की भूमिका संदिग्ध लगने पर स्थानीय लोगों ने उनका परिचय पत्र मांगा तो पहले तो वाद-विवाद करने लगीं, बाद में भागने लगीं। ये सभी महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों के साथ शहर के त्रिपाठी अस्पताल गली स्थित होटल दिहल पैलेस मेंं रूकी थीं। जानकारी मिलने पर पुलिस होटल पहुंचीं तो वहां एक कमरे में लगभग 40-45 महिला व पुरूष बच्चों के साथ रूके मिले। बता दें कि अक्सर राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से महिला-पुरूष बच्चों के साथ आकर ट्रैफिक सिग्नल व शहर में घूम-घूमकर सामान बेचने व भिक्षाटन करने का काम करते हैं। कुछ दिनों से इनकी संख्या बढ़ गई थी। कुछ युवतियां राजस्थान में गरीब बच्चों की मदद के नाम पर शहर व आस-पास के क्षेत्रों में घर-घर दस्तक देने में लगी थीं। इनका सक्रिय गिरोह फर्राटेदार इंग्लिश बोलकर लोगों को एक पल के लिए मौन कर देता और गरीब बच्चों के नाम पर रुपये लेने में सफल हो जातीं। बुधवार को प्रतापपुर रोड स्थित चिखलाडीह में आधा दर्जन महिलाएं घर-घर जाकर रुपये की मांग कर रही थीं। स्थानीय लोगों ने उनका आइडेंटिटी मांगा तो बहस पर उतारू ये महिलाएं भागने लगीं। इसकी खबर लगने पर होटल दिहल पैलेस मेंं रुकी महिलाओं की खबर लेने पुलिस पहुंची तो इन्होंने राजस्थान से सामान बेचने व भिक्षाटन करने के लिए अंबिकापुर आने की बात कही।
बयान
एक हॉल में 40 से अधिक महिला-पुरूष रूके थे। इनके द्वारा पूर्व में पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी और न ही होटल संचालक द्वारा इसकी जानकारी दी गई थी, जबकि सभी 10 से 12 दिनों से यहां रूके थे। प्रवासियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए इनका आइडेंटिटी चेक करके सभी को तत्काल वापस चले जाने का निर्देश दिया गया।
सुनिता भारद्वाज, प्रभारी महिला थाना

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