दंपती सहित 3 के विरूद्ध कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज किया

अंबिकापुर। कोयला ट्रेडिंग के कारोबारी से व्यवसाय के नाम पर एक करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दंपती सहित तीन लोगों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

पुराना बस स्टैंड निवासी बिजेन्द्र गुप्ता पिता मुंशी साव 63 वर्ष ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है कि उनका कोयला ट्रेडिंग का व्यवसाय है। बरेजपारा के ट्रांसपोर्टर शनि गोयल उनके यहां से कोयला ट्रांसपोर्टिंग का काम करते आ रहे हंै। बीते वर्ष शनि गोयल ने रायपुर के हेमन्त कुमार जैन से उनका परिचय कराया, जिनका रायपुर में भिक्षु ट्रेडर्स के नाम से थोक गल्ला का कारोबार है। वे हल्दी, चना, जीरा तथा सौंफ का मुख्यत: खरीद-बिक्री पूरे भारत वर्ष से मंदी-तेजी के आधार पर करते हैं। शनि गोयल के माध्यम से बातचीत होने पर हेमन्त कुमार जैन ने बताया कि उसका काम व्यापारियों से सौदा करना और उसका साला नवदीप रायपुर में रहकर माल लोडिंग-अनलोडिंग कराता है, लेन-देन का हिसाब उसकी पत्नि कविता जैन करती है। उन्होंने कहा कि मंदी-तेजी के खेल में पूंजी लगाकर अच्छा मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। हेमन्त जैन के बार-बार कहने पर वे चना, सौंफ, हल्दी, जीरा के मंदी-तेजी के बारे में कभी-कभार जिज्ञासावश पूछ लेते थे, जिसका फायदा उठाते हुए हेमन्त जैन की पत्नि और साला भी उन्हें फोन करके गल्ला कारोबार के बाजार के उतार-चढाव के बारे में बताते हुए कहा कि इस बार होली के तत्काल बाद चना और हल्दी के दाम में गिरावट आएगी और दो माह स्टाक रखने के बाद अचानक बाजार में तेजी आने से अच्छा मुनाफा होगा। इनके द्वारा चना और हल्दी के खरीदी में पूंजी लगाने पर अच्छा लाभांश मिलने की बात कही गई। हल्दी और चना का कारोबार कभी नहीं करने के कारण कोयला ट्रेडिंग के कारोबारी को मंदी-तेजी, खरीदी-बिक्री के बाजार की जानकारी नहीं थी, जिस कारण उन्होंने इसमें पूंजी लगाने से मना कर दिया। इसके बाद भी हेमन्त कुमार जैन, उनकी पत्नि और साला बार-बार फोन करके उक्त कारोबार में पैसा लगाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

एक प्रतिशत मासिक ब्याज पर मांगा था रकम
कारोबार में हाथ डालने से मना करने पर जैन बंधुओं ने 6 माह के लिए उधार में रकम एक प्रतिशत मासिक ब्याज पर मांगा। इनके द्वारा अपने कारोबार का मंडी लाइसेंस, जी.एस.टी. नंबर, फर्म भिक्षु ट्रेडर्स का बैंक खाता देकर भरोसे में लिया, इसके बाद बिजेन्द्र गुप्ता ने 03.04.2024 को 28 लाख 41 हजार रुपये, 18.04.2024 को 60 लाख रुपये और पत्नि के खाता से 02.04.2024 को 56 लाख 82 हजार रुपये, कुल 1 करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये आर.टी.जी.एस. के माध्यम से दे दिया। इसके बाद वे रकम वापस करने के नाम पर यह कहकर गुमराह करते रहे कि उनका खरीदी में लगाया हुआ पैसा फंस गया है, वापस मिलने पर ब्याज सहित वापस कर देगें। 6 माह का समय बीतने के बाद भी इन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और फोन रिसीव करना बंद कर दिया।

धोखाधड़ी की ऐसे खुली पोल
कोयला ट्रेडिंग के कारोबारी ने संदेह होने पर अपने स्तर पर इनके बारे में रायपुर में पता किया तो ज्ञात हुआ कि तीनों थोक कारोबार का झांसा देकर बड़े पैमाने पर लोगों के साथ धोखाधड़ी किए हैं। कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 34, 420 का मामला दर्ज किया है, और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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रजिस्टर्ड अनुबंध के बाद बेच दिया जमीन, पुलिस ने केस दर्ज किया
रजिस्टर्ड अनुबंध करने के बाद बिना जानकारी दिए जमीन बिक्री करने का मामला प्रकाश में आया है, मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना अंबिकापुर अंतर्गत स्कूल रोड में हनुमान मंदिर के पास रहने वाली संगीता दुबे के पति संतोष धर दुबे का स्वर्गवास 15 अक्टूबर 2025 को हो गया है। उनके पति ने मायापुर स्थित भूमि खसरा नम्बर 1691/19, रकबा 0.028 हेक्टेयर में से 0.014 लगभग 3.5 डिस्मिल जमीन खरीदने के लिए दीपक गुप्ता, दीपा गुप्ता और सोनमति गुप्ता से 06 मार्च 2024 को सौदा तय किया और एडवांस के रूप में एक लाख 25 हजार रुपये नकद देकर रजिस्ट्रार कार्यालय अंबिकापुर में रजिस्ट्रर्ड एग्रीमेंट तैयार करवाया था। इनके द्वारा जमीन के कागजात में कुछ कमी बताते हुए कुछ दिनों के बाद जमीन की रजिस्ट्री कर देने के लिए कहा गया था। दीपक गुप्ता का उनके पति से परिचय हो गया और वह उनके साथ ही घूमता था और उन्हें विश्वास में लेकर अन्य जगह भी जमीन खरीदवाने के नाम पर पैसा लेकर दस्तावेज तैयार करवाने के बाद अपने पास ही रखता था। भरोसे के कारण स्व. संतोष धर दुबे के द्वारा जहां-जहां पैसा देकर जमीन लेने के लिए दस्तावेज तैयार करवाए थे उसे भी दीपक गुप्ता अपने पास ही रखा था। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद सभी कागजातों को इनके द्वारा गायब कर दिया गया और पूछने पर अपने पास कोई दस्तावेज नहीं होने की बात कहने लगा। दीपक गुप्ता के द्वारा उनके स्वर्गीय पति से पैसे की आवश्यकता है कहकर नकद 4 लाख रुपये 10.05.2024 को लिया गया। इधर पति की मृत्यु होते ही दीपक गुप्ता और दीपा गुप्ता उक्त जमीन को बिना जानकारी दिए अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिए। इसकी सूचना अन्य लोगों से मिलने पर बेवा महिला ने कोतवाली थाने में लिखित में आवेदन देकर आरोपितों के करतूत से अवगत कराया है, जिस पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 34, 420 के तहत केस पंजीबद्ध कर लिया है।

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