अंजुमन कमेटी से जुड़े लोगों ने कहा-दशकों से कर रहे देखरेख, ग्रामीणों ने इसे नकारा
अंबिकापुर। शहर के सद्भावना ग्राम तकिया में स्थित दरगाह शरीफ के देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी को ग्राम पंचायत के द्वारा अपने कब्जे में लेने की पहल के साथ ही तनातनी की स्थिति बन रही है। मंगलवार को सद्भावना ग्राम तकिया से सरपंच के साथ जनपद उपाध्यक्ष सहित अन्य ग्रामीणों का हुजूम काफी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचा वहीं अंजुमन कमेटी, वक्फ बोर्ड से जुड़े लोग भी थाना पहुंचे। अंजुमन कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले 65-70 वर्षों से दरगाह शरीफ का देखरेख वे कर रहे हैं। उर्स जैसा आयोजन भी कमेटी के द्वारा किया जाता है। ऐसे में पंचायत के द्वारा दरगाह शरीफ के संचालन की चल रही कोशिश को वे अनुचित और आपसी सौहार्द्र को बिगाड़ने वाला बता रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत रनपुरखुर्द से आए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि इनकी बातों को एक सिरे से खारिज करने में पीछे नहीं हैं। ऐसे में यह मामला मंगलवार को कोतवाली थाना तक पहुंच गया है। कोतवाली थाना के प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने दोनों पक्षों की बातों सुनने के बाद अंजुमन कमेटी के द्वारा किए जा रहे दावा संबंधी कागजातों को मांगा है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। ग्राम तकिया के सदर मो. रमजान अंसारी का कहना है कि पंचायत के द्वारा दरगाह शरीफ के आवश्यकताओं और देखरेख वर्षों पूर्व से किया जा रहा है। जब गांव के लोग दरगाह और मंदिर का देखरेख करते हैं तो इसके संचालन का जिम्मा भी गांव के लोगों को ही मिलना चाहिए। इनका आरोप है कि दरगाह शरीफ का संचालन अंबिकापुर की अंजुमन कमेटी कर रही है। यहां के दान-पुण्य में आने वाले रुपये का कोई हिसाब नहीं है। कई बार हिसाब मांगने के बाद भी गांव के लोगों को नहीं बताया जाता है। इसलिए पंचायत ने निर्णय लिया है कि इसका संचालन यहीं के लोगों के द्वारा किया जाएगा और आवक से दरगाह शरीफ और मंदिर के साथ ही गांव का विकास किया जाएगा।
दस्तावेज है हमारे पास-अफजाल अंसारी
अंजुमन कमेटी के पदाधिकारी अफजाल अंसारी ने कहा कि लगभग 70 वर्ष से ग्राम तकिया में स्थित दरगाह शरीफ और मंदिर का देखरेख अंजुमन कमेटी के द्वारा किया जा रहा है। यहां का हर काम कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य संयुक्त रूप से करते आ रहे हैं। इसका दस्तावेज हमारे पास है। पुलिस ने इससे संबंधित दस्तावेजों की मांग की है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। कमेटी की ओर से तत्संबंध में संपूर्ण दस्तावेज पुलिस को सौंपा जाएगा, ताकि सही स्थिति सामने आए। यहां का देखरेख और संचालन पंचायत करना चाहता है, जो पूरी तरह से गलत है।
जनपद उपाध्यक्ष व सरपंच ने कहा
0 जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव का कहना है कि सद्भावना ग्राम तकिया में मजार और मंदिर दोनों है। कुछ दिनों से इसे पंचायत ने अपने अधीन ले लिया है। गांव के हिंदू और मुस्लिम सभी मिलकर यहां का देखरेख और संचालन करेंगे। लम्बे समय से यहां पानी, भवन सहित अन्य जरूरी चीजों की पूर्ति पंचायत के द्वारा ही की जाती रही है।
0 ग्राम पंचायत रनपुरखुर्द की सरपंच नीलू पैकरा ने कहा कि दरगाह शरीफ पंचायत के अधीन रहे, इसके लिए सभी के सहमति से पहल शुरू की गई है। पंचायत क्षेत्र में दरगाह है, इसलिए इसका संचालन भी यहीं के लोग करेंगे।

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