अंबिकापुर। सेवानिवृत रेंजर के पुत्र ने चपरासी का नौकरी लगवा देने के नाम पर तीन लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं लगने पर जब ग्रामीण ने रुपये वापस मांगा, तो वह टालमटोल करने लगा। घटना की रिपोर्ट पर धौरपुर थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सखौली निवासी हीरन दास ने पुलिस को बताया है कि उसका बड़ा लड़का संतोष दास अंबिकापुर में 4-5 साल से वाहन चलाने का काम करता है। यहां उसका परिचय बौरीपारा निवासी संतोष कुमार तिवारी से हुआ था। वर्ष 2022 में संतोष कुमार तिवारी उसके लड़के संतोष दास को बोला कि ग्राम बरियो व दरिमा में उप तहसील कार्यालय खुल रहा है, जहां स्टाफ की जरूरत है। चपरासी का काम करोगे तो बताओ मैं लगवा दूंगा। नौकरी के एवज में 03 लाख रुपये लगने की बात कहकर उसे झांसे में ले लिया। संतोष दास इसकी जानकारी अपने स्वजन को दिया। लड़के का शासकीय नौकरी लग जाएगा, यह सोचकर वे रुपये देने के लिए तैयार हो गए थे। सेवानिवृत रेंजर और प्रभावशाली व्यक्ति का पुत्र होने के कारण वे रिश्तेदारों से पैसे की व्यवस्था करके दो लाख रुपये 05.03.022 को संतोष कुमार तिवारी को अपने घर में नकद दे दिए थे। एक सप्ताह बाद पुन: संतोष तिवारी आया और उसे एक लाख रुपये नकद दे दिए। रुपये लेने के बाद काफी दिन बीत गए और जब नौकरी नहीं लगा, तो इनके द्वारा रुपये वापस कर देने के लिए कहा गया, जिस पर वह गोल-मोल बातें करने लगा। संतोष तिवारी से जब उन्होंने कहा रुपये बाद में देते रहना, कम से कम 03 लाख रुपये के लेनदेन का कोर्ट में लिखापढ़ी कर लेते हैं, तो वह इसके लिए तैयार हो गया। 10.10.2023 को अंबिकापुर कोर्ट में नोटरी के माध्यम से लिखापढ़ी के दौरान संतोष तिवारी कहा कि नौकरी लगाने के नाम पर लिखापढ़ी ठीक नहीं रहेगा, ऐसे में वे उधार लेन-देन का नोटरी करा लिए। रुपये वापस नहीं मिलने पर इसकी लिखित शिकायत धौरपुर थाने में की गई है, जिस पर पुलिस अग्रिम जांच, कार्रवाई में जुट गई है।

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