पूर्व में भी हो चुकी है चंदन के पेड़ों की कटाई, सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं वन अमला
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय में वन विभाग के उच्च अधिकारियों के कार्यालय के पीछे से चंदन के जीवंत पेड़ों की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पूर्व में भी चोर ऐसी चुनौती वन अफसरों को दे चुके हैं, इसके बाद भी चंदन के पेड़ों की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि मामला चंदन लकड़ी के तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक तस्करों ने वन विभाग के सुरक्षा के प्रबंधों को धत्ता बताते हुए सीसीएफ और वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर के पीछे स्थित बांस बाड़ी इलाके में घुसकर कीमती तीन सफेद चंदन का पेड़ काटकर पार कर दिया। तस्करों ने 7 नग अन्य चंदन के पेड़ों में भी आरा चलाया है। वनमंडलाधिकारी कार्यालय के पीछे की ओर बांस बाड़ी में सुबह टहलने के लिए गए लोगों की नजर सबसे पहले चंदन के पेड़ के ठूंठ पर पड़ी। खबर वन विभाग के जिम्मेदारों तक पहुंची और हड़कंप की स्थिति बन गई। चंदन के पेड़ की चोरी में किसी बड़े गिरोह का हाथ तो नहीं, यह फिलहाल अस्पष्ट है। उच्च अधिकारियों ने घटना को कितनी गंभीरता से लिया है, यह तो बाद में ही पता चल पाएगा। बता दें कि प्रतापपुर रोड स्थित वन अफसरों के कार्यालय के पीछे बांस की विशाल नर्सरी में 600 चंदन के पेड़ लगाए गए थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यहां पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाने से यह स्थल तस्करों के नजर में है। पूर्व में यहां से काटे गए चंदन के पेड़ों को कौन ले गया, इसका पर्दाफास नहीं हो पाया है और पुन: चंदन के पेड़ों को काटकर ले जाने का मामला प्रकाश में आ गया है। वन अमला जांच में तो जुट गया है, लेकिन निष्कर्ष क्या निकलेगा, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। वनमंडलाधिकारी सरगुजा ने चंदन के पेड़ों की कटाई के लिए जांच टीम गठित करने की बात कही है।

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