डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन व पारिवारिक सहमति की प्रक्रिया की गई पूरी
सूरजपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सार्थक प्रयासो से सभी क्षेत्रों में न केवल रोजगार का सृजन हुआ है, बल्कि रोजगार के नये अवसर भी छत्तीसगढ़ की जनता को प्राप्त हो रहे है। मुुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा निर्देश का अनुपालन करते हुए जरही के 56 भू विस्थापित परिवारों के लिए 16 नवंबर को जरही में अभिलेख सत्यापन हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश पर शिविर पर राजस्व अधिकारी व एसईसीएल की सत्यापन हेतु गठित समिति शिविर में सम्मिलित थी। जिसके द्वारा शिविर दिवस पर सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। एसईसीएल के महाप्रबंधक के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जरही के 73 आवेदकों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन व पारिवारिक सहमति की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिन्हें शीघ्र एसईसीएल में रोजगार प्रदान किया जाएगा। महामाया खुली खदान के लिए जरही, दुरती, सेन्धोपारा, कपसरा व बरौधी 05 गांव से भूमि अधिग्रहण किया गया है। भारत सरकार कोयला मंत्रालय द्वारा इन गांवों का भूमि अधिग्रहण तीन चरणों में किया गया है। अधिग्रहित निजी भूमि के बदले 638 परिवार के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। जिसके तहत ग्राम जरही की अधिग्रहित भूमि के एवज में 16 नवंबर को सांस्कृतिक भवन, नगर पंचायत जरही में अभिलेख सत्यापन हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में जिला प्रशासन की ओर से राजस्व अमला व एसईसीएल के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में 56 भू स्वामियों के द्वारा प्रस्तावित उम्मीदवारों का अभिलेख सत्यापन किया गया। 30 नवंबर की स्थिति तक मुख्यालय बिलासपुर में, जरही के कुल स्वीकृत रोजगार हेतु आवेदको की संख्या 76 है, जिसमें से 73 आवेदको के परिवार की सहमति एवं डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्य एसडीएम प्रतापपुर व एसईसीएल के गठित टीम द्वारा किया जा चुका है। इन आवेदको को एसईसीएल के नियमानुसार कैटेगरी 01 में रोजगार प्रदाय किया जायेगा। सत्यापन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को उनकी इस विशेष पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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