पीएससी घोटाले में CBI ने सोमवार को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और कारोबारी एसके गोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश लीलाधर साय यादव की कोर्ट में किया पेश गया। जहां कोर्ट ने उन्हें 10 की रिमांड पर भेज दिया है।

कोर्ट में सीबीआई ने टामन सिंह सोनवानी और एसके गोयल की 10 दिन की रिमांड मांगी थी। जहां एसके गोयल की ओर से उनके वकील ने सीबीआई के आरोपों को झूठ और असत्य बताया। उसके वकील ने माना कि, एनजीओ को रकम दिया गया था। सभी एनजीओ को सीएसआर फंड से रकम दिया जाता है और रकम देने के पीछे उनकी मंशा गलत नहीं थी। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को रिमांड पर भेज दिया।

चेयरमैन के पद पर रहने के दौरान सोनवानी पर चयन के एवज में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। साथ ही तत्कालीन सचिव जेके ध्रुव और अन्य लोगों के खिलाफ कथित भाई-भतीजावाद और अपने अयोग्य रिश्तेदारों और परिचितों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे बड़े पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में डालने के आरोप लगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, राजभवन के तत्कालीन सेक्रेटरी अमृत खलको समेत कई अधिकारियों के बेटे-बेटियों और करीबी रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर नियुक्ति देने के आरोप हैं। मामले को लेकर पूर्व बीजेपी नेता ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

CGPSC परीक्षा का नोटिफिकेशन साल 2021 में जारी किया था। भर्ती के लिए कुल पद थे 171 थे। प्री एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। जिसमें कुल 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद आई मेंस एग्जाम की बारी। 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मेंस परीक्षा कराई गई। जिसमें कुल 509 अभ्यर्थी पास हुए। इनको इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। जिसके बाद 11 मई 2023 को परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ। 170 अभ्यर्थियों का इसमें फाइनल सिलेक्शन हुआ।

बड़े पदों पर अपनों की नियुक्ति के आरोप
हाई कोर्ट में दायर याचिका में PSC के चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के पांच करीबियों की नियुक्ति के बारे में बताया गया है। इनकी लिस्ट सौंपी गई है। अखबारों में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सोनवानी के अपने परिवार, उनके करीबी रिश्तेदारों के बच्चों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे बड़े और ताकतवर पदों के लिए चुना गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ बड़े अधिकारियों के बच्चों को भी आबकारी, श्रम विभाग में ऊंचे ओहदों पर नियुक्त कर दिया गया।

Categorized in: