अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अंतर्गत तोरफा गांव से लापता 10 वर्षीय बालक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग बालक भी शामिल है, जिसने हत्याकांड में प्रमुख भूमिका निभाई है।
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि बलंगी चौकी, थाना रघुनाथनगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम तोरफा के मोरन नदी के किनारे घर से लापता बालक बृजेश पाल 10 वर्ष का शव क्षत-विक्षत हालत में सोमवार को मिला था। शव का सिर और धड़ दोनों ही अलग-अलग जगह मिले थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट व डॉग स्क्वाड को बुलाकर बारीकी से मामले की जांच कराया था। स्वजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, इसी आधार पर पुलिस धारा 137(2), 103(1), 238, 61(2) बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने बताया कि विवेचना दौरान संदेही रविपाल पिता अशोक पाल 19 वर्ष, निवासी ग्राम तोरका थाना रघुनाथनगर पूछताछ के क्रम में लगातार अपना बयान बदल रहा था। पुलिस को गुमराह करने किए जा रहे प्रयास में वह विफल हुआ। संदेह पुख्ता होने पर पुलिस टीम ने रविपाल के अलावा एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक से कड़ाई से पूछताछ की तो सामने आया कि 02 अक्टूबर की शाम को जब मृतक/गुम बालक के घर में कोई नहीं था, तब विधि से संघर्षरत बालक उसे खेलने के बहाने बुलाकर नदी के किनारे जंगल तरफ ले आया। यहां पहले से मौजूद रविपाल ने फिरौती मांगने के उद्देश्य से बालक को जबरन जंगल के अंदर ले जाना चाहा, जिसका बालक द्वारा प्रतिरोध किया गया और रविपाल उसके गर्दन को दबाकर हत्या करने की कोशिश किया। इसके बाद भी बालक की जान नहीं गई और वह उसके पहने हुए शर्ट का फंदा बनाकर उसके गले में डाल दिया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसमें विधि से संघर्षरत बालक ने भी उसकी सहायता की थी। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मृत बालक के पिता कुछ दिन पूर्व मोटरसाइकिल खरीदने की बात कह रहे थे। ऐसे में आरोपियों को बालक के पिता के पास नगदी रकम होने की जानकारी लग गई और वे बालक का अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाए थे। इधर उन्होंने बालक की हत्या कर दी थी। इधर गांव व आसपास के इलाके में लगातार बालक की खोजबीन हो रही थी। पुलिस का दबाव देखकर वे फिरौती मांगने का साहस नहीं जुटा पाए।

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