एएसपी और कोतवाली टीआई ने शहरवासियों की सुरक्षा के लिए पार्षद मद से राशि देने किया आग्रह  

विधायक प्रबोध मिंज का सदन में स्वागत, सामान्य सदस्यों की भांति बैठकर दमदारी से रखा अपनी बात को

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक शहर के सरगुजा सदन कंपनी बाजार में सोमवार को सामान्य नोकझोंक, तमाम सुझावों, निर्णयों पर मुहर लगाते संपन्न हुई। नगर की सरकार के चुनाव पूर्व का अंतिम सामान्य सभा होने के कारण किसी प्रकार का भारी हंगामा भी नहीं हुआ। सामान्य सभा में स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, खाद्य, बिजली सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। पुलिस विभाग से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो व शहर कोतवाल मनीष  परिहार की स्वस्फूर्त उपस्थिति रही। दोनों अधिकारी शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर कैमरे से हर मोहल्ले, टोलों के प्रमुख स्थलों को निगरानी में रखने की योजना को साकार करने पार्षद मद से हर मोहल्ले में कैमरा लगवाने का सुझाव देने आए थे। इस पर जहां निगम के सत्ता पक्ष की ओर से एमआईसी सदस्य शफी अहमद ने 50 हजार रुपये पार्षद मद से देने की हामी भरी गई, वहीं विपक्ष के वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने इस राशि को कम बताते हुए पार्षद निधि से एक लाख रुपये देने की बात पर बल दिया, ताकि शहर में किस प्रकार की सार्वजनिक सामाजिक, असामाजिक गतिविधियां पुलिस की नजरों के सामने आ सके और किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधि सामने आने पर फौरी कार्रवाई पुलिस कर सके। हालांकि निगम के सभापति अजय अग्रवाल ने सारी बातों को सुनने के बाद पूर्व में निगम के पार्षदों द्वारा स्वयं की निधि से रुपये देने की मंशा सामने लाई थी लेकिन शासन स्तर पर ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने के कारण पार्षद निधि का उपयोग इसके लिए नहीं हो पाया था। इस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार तक इस बात को हमारे साथी विधायक प्रबोध मिंज पहुंचा सकते हैं, शासन चाहे तो पार्षद निधि से इस सोच को साकार सकती है, जो शहर के लोगों व आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर बेहतर कदम होगा। सभापति ने यह भी कहा कि निगम के पार्षदों का कार्यकाल अंतिम चरण में है, इनके निधि में इतनी राशि है भी या नहीं, इसका भी ध्यान रखना होगा।

नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक सोमवार की दोपहर 12 बजे सभापति अजय अग्रवाल की उपस्थिति में शुरू हुई। सामान्य सभा में सर्वप्रथम निगम में दो बार महापौर रहे वर्तमान पार्षद, निगम में नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज के विधायक बनने पर सदन की ओर से स्वागत किया गया। सामान्य सदस्यों की भांति पूर्ववत वे सदन में शामिल हुए और अपनी बातों को पूरी दमदारी के साथ रखा। इस दौरान अधिकारियों के समक्ष सत्ता व विपक्ष के पार्षदों ने समस्याओं व गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए। शहर में संचालित हमर क्लिनिक में चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश बंद रहने व दवाओं की उपलब्धता में कमी, पूर्ण जांच नहीं होने की बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीपीएम डॉ. सीमा तिग्गा ने जवाब देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्र में 11 हमर क्लिनिक हंै, जिसमें कुछ भवन पूर्ण नहीं होने के कारण बंद हैं। मरीजों के भर्ती की व्यवस्था नहीं है। डॉक्टर, स्टॉफ नर्स की कमी है। विपक्ष ने कहा कांग्रेस सरकार में सामुदायिक भवनों को भी हमर क्लिनिक बना दिया गया है। इस पर एमआईसी प्रमुख शफी अहमद ने कहा कि शासन का यह गाइडलाइन था कि किसी भी सरकारी भवन में हमर क्लिनिक बनाया जाए। वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सीएमएचओ व सिविल सर्जन की अनुपस्थिति पर कहा कि यह सामान्य सभा की गरिमा का उल्लंघन है। शफी अहमद ने कहा कि पूर्व में हमर क्लिनिक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे खुला रहता था, लेकिन अब दोपहर दो बजे के बाद बंद पाया जाता है, उन्होंने इस कमी को दूर करने कहा। वहीं खाद्य विभाग में सोसायटी संचालकों द्वारा राशन उठाव में गड़बड़ी व सोसायटी संचाकलों का व्यवहार हितग्राहियों के प्रति सही नहीं होने का आरोप पार्षदों ने लगाया।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन पर उठे सवाल
सामान्य सभा में महिला बाल विकास विभाग की ओर से सुपरवाइजर मधुमिता सिंह उपस्थित थीं। उन्होंने महिला बाल विकास द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में दोनों पक्ष के पार्षदों ने आंबनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की संख्या पर सवाल उठाया। आंबा केन्द्रों में बच्चों की संख्या का पता नहीं चल पाता है। सुपरवाइजर ने शासन की ओर से किराए के भवन में आंगनबाड़ी चलाने के लिए शासन की ओर से किराए की राशि बढ़ाकर छह हजार रुपये करने की जानकारी दी, लेकिन इसके लिए भाड़ा नियंत्रण अधिकारी के समक्ष प्रस्ताव रखना होगा। उन्होंने बताया कि भवन ऐसा होना चाहिए जहां रसोईघर, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं हों।

पार्षदों को दें राशन उठाव व खपत की जानकारी
बैठक में उपस्थित खाद्य अधिकारियों के समक्ष पार्षदों ने आरोप लगाया कि वार्ड के पार्षदों की जानकारी व अनुमति के बिना बीपीएल का राशन कार्ड बन रहा है। इस सवाल पर सत्ता पक्ष की एक महिला पार्षद ने आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारियों द्वारा घूस लेकर राशन कार्ड बनाया जा रहा है। पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने खाद्य विभाग के अधिकारी के समक्ष कई शिकायतें रखीं। पार्षदों ने राशन उठाव में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। विभाग द्वारा सोसायटी संचालकों पर राशन उठाव के लिए कोई नियम तय नहीं करने की बात सामने आई, जिस पर लंबी चर्चा चली। कहा गया कि राशन बचने की स्थिति में भी विभाग पूर्ववत राशन आवंटित कर रहा है, इससे राशन के बंदरबांट की स्थिति बनती है। मामले पर महापौर डॉ. अजय तिर्की ने राशन उठाव व खपत की जानकारी वार्ड के पार्षदों को दें और इस पर विभाग कड़ी कार्रवाई करे।

बिजली गोल देखकर मेहमानों ने कहा ऐसी स्थिति तो झारखंड में भी नहीं
सामान्य सभा में शहर की चौपट बिजली व्यवस्था के सवाल पर उपस्थित विभाग के अधिकारी ने कहा कि आचार संहिता और बारिश के कारण सही मेंटनेन्स नहीं हो पाया है, जिस कारण ऐसे हालात सामने आ रहे हैं। कुछ इलाकों में बिजली का भार अधिक होने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया है। सभापति अजय अग्रवाल ने शहर की चरमराई बिजली व्यवस्था पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनके यहां हाल में झारखंड से मेहमान आए थे, उन्होंने बिजली गोल होने की स्थिति को देखकर कहा कि ऐसी स्थिति तो उनके यहां भी नहीं है। इस दौरान बिजली व्यवस्था सुधारने के साथ ही कमियों की ओर भी पार्षदों ने ध्यानाकर्षण कराया। पार्षद मधुसुदन शुक्ला ने खुले फ्यूज बाक्स को कवर्ड करने कहा।

महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा बिजली गोल रहने की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी तकिया फिल्टर प्लांट और कतकालो प्लांट में होती है। पानी की आपूर्ति अवरूद्ध होने पर लोग निगम को कोसते हैं। वहीं पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मद में आने वाले साढ़े पांच करोड़ रुपये का वारा-न्यारा सिर्फ व्हीआईपी इलाके को जगमगा कर किया जा रहा है। पार्षदों व निगम आयुक्त के माध्यम से कोई भी प्रस्ताव इस योजना के तहत नहीं जाना विचारणीय है। पार्षद हरमिंदर सिंह टिन्नी ने भी अपने वार्ड सहित शहर के कुछ अन्य वार्डों के चिन्हांकित स्थलों की ओर ध्यान दिलाया, जिससे लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। अन्य पार्षदों ने भी समस्याओं से निगम के सदन में ध्यानाकर्षण कराया। 

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