पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कराया वन अफसरों का ध्यानाकर्षण तो इन्हें नजर नहीं आया अतिक्रमण
वन अमले के द्वारा सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश को देख ग्रामीणों के साथ सिंहदेव पहुंचे जंगल
अंबिकापुर। शहर के लगे ग्राम बधियाचुंआ में पिछले कुछ दिनों से जंगलों की कटाई कर भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जा करने की ग्रामीणों से मिली शिकायत पर बुधवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ग्राम बधियाचुंआ से लगे बोदार जंगल तक पहुंचे। ग्रामीणों की कई शिकायतों के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं करने से नाराज सिंह देव ने भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही है। मौका निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि वन अमला अपनी शाख बचाने के लिए बीते मंगलवार को एक वायरल वीडियो में गांव के जंगल क्षेत्र में किसी प्रकार का कब्जा नहीं होने की बात कहकर कन्नी काटने में लगा है। जबकि वन अमले को उन्होंने स्वयं भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए फोन करके ध्यानाकर्षण कराया था।
मामला अंबिकापुर शहर से लगे बधियाचुआ ग्राम पंचायत का है। यहां सौ एकड़ से अधिक वन भूमि पर भू-माफियाओं की नजर लगी है। इनके द्वारा जंगलों की कटाई कर मेड़ बनाकर कब्जा कर लिया गया है। ग्राम पंचायत के उप सरपंच राजू राम ने कई बार जिला प्रशासन व वन विभाग को लिखित में शिकायत की, इसके बावजूद आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद ग्राम पंचायत बधियाचुआ के लोगों ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव से इसकी शिकायत की। ग्रामीणों की शिकायत पर बुधवार की सुबह सिंह देव ग्राम पंचायत बधियाचुआ पहुंचे। ग्रामीणों के साथ उन्होंने जंगल की ओर जाकर देखा, जहां 100 एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जा दिख रहा है। इसकी जानकारी वन विभाग को देने के बावजूद ग्रामीणों की बात को वन अमला झुठलाने और अपने आप को सही साबित करने में लगा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मौके पर जंगलों की कटाई कर कब्जा करने की होड़ मची है। 100 एकड़ से भी अधिक क्षेत्र की भूमि पर मेड़ बनाकर कब्जा किया जा रहा है, जबकि यह रिजर्व फारेस्ट है। कलेक्टर ने 2016-17 में अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस भूमि को सेटल भी किया था, उनके आदेश भी हैं। आजादी के पहले के कुछ लोगों को वन अधिकार पत्र अभी तक नहीं मिले हैं। वन अधिकार पत्र के माध्यम से कुछ लोग अपने कब्जे की जमीन की खरीद-बिक्री कर रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। इन्हें मालुम होना चाहिए कि उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं मिला है। ऐसे में यदि जमीन की बिक्री वे करते हैं तो वह जमीन वापस शासन के पास चली जाएगी। साथ ही कहा कि जंगल में अवैध कब्जा नियम और कानून के विपरीत हो रहा है, इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे अतिक्रमण को रोकें अन्यथा न्यायसंगत बातों को नहीं सुनने पर उनके पास आने वाले दिनों में ग्रामीणों के साथ अतिक्रमण स्थल पर आकर भूख हड़ताल करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, मो. इस्लाम, अनूप मेहता, ग्राम बधियाचुंआ की सरपंच वैशाली कुजूर, उपसरपंच राजू चिर्रे, खैरबार के पूर्व सरपंच इंदर साय के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
पहाड़ी पगडंडियों को पार करके पहुंचे बोदार जंगल
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने ग्राम बंधियाचुंआ में ग्रामीणों के साथ उन अंदरुनी वन क्षेत्रों का भ्रमण किया, जहां सैकड़ों एकड़ वनक्षेत्र में वनों की कटाई कर अतिक्रमण किया गया है। प्रात: 8 बजे पूर्व उपमुख्यमंत्री करीब दो किलोमीटर पहाड़ी पगडंडियों को पार कर बंधियाचुंआ के बोदार व आमापानी क्षेत्र में पहुंचे। इस क्षेत्र में 100 एकड से अधिक वनभूमि में पेड़ों की कटाई का नजारा देखने को मिला, जो वन अमले को नजर नहीं आ रहा है।


वायरल वीडियो में वन अमले ने कहा-नहीं हुआ अतिक्रमण
टीएस सिंह देव दो दिन पूर्व ही अंबिकापुर पहुंचे थे और ग्राम बंधियाचुंआ जाकर वहां के ग्रामीणों से इस संबंध में जानकारी लिए थे और वन विभाग को इससे अवगत कराया था। वन विभाग के अधिकारियों ने इस पर तत्काल जांच का आश्वासन दिया था। किंतु मंगलवार को सोशल मीडिया में वन विभाग के कर्मचारियों का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बधियाचुंआ गांव के वनभूमि पर नहीं हुआ है। इसके बाद सिंह देव बुधवार को स्वयं ग्रामीणों के साथ अतिक्रमण स्थल पर पहुंच गए।
अतिक्रमण रोकने का प्रयास कर रहे बीट गार्ड को हटाया
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को लगातार सूचना देने के बावजूद भी अतिक्रमण करने वालों पर कोई कारवाई नहीं की गई। वन विभाग का एक बीट गार्ड, जो कि ग्रामीणों के साथ मिलकर अतिक्रमण को रोकने का प्रयास कर रहा था, उसे भी यहां से हटा दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सत्ताधारी दल के कुछ ऐसे नेताओं का अपरोक्ष समर्थन अतिक्रमणकारियों को है जो महामाया पहाड़ के अतिक्रमण नाम पर बहुत मुखर हैं। ग्रामीणों से हुई चर्चा के उपरांत सिंह देव ने वन विभाग के अधिकारियों से बात की थी, जिन्होंने तत्काल जांच का आश्वासन दिया था। इसके बाद वायरल वीडियो में उन्हें जंगलों का सफाया और अतिक्रमण नजर नहीं आया।
गांव से हाईवे के 500 मीटर पहले तक कब्जे का विस्तार
ग्रामीणों के साथ भ्रमण के दौरान टीएस सिंहदेव ने देखा कि कब्जे का विस्तार बधियाचुंआ गांव के वन भूमि से प्रारंभ होकर कटनी-गुमला हाईवे के 500 मीटर पहले तक है। इस कब्जा क्षेत्र में मेढ़बंदी कर जमीन का बंटवारा भी किया गया है। मौका मुआयना के बाद टीएस सिंहदेव ने वन विभाग के रुख पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि वन विभाग के कर्मचारयों का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अतिक्रमण को समर्थन और शह देता प्रतीत होता है। वन विभाग के अधिकारी अपने कमरों में गूगल नक्शे के माध्यम से अतिक्रमण की सच्चाई का पता कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इनका वीडियो सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास है।

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