अंबिकापुर। शहर में इन दिनों ठगी के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। कोई फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने में लगा है, तो कोई बीमारी की सूचना देकर स्वजन की हू-ब-हू आवाज में बात करके ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा है। साइबर क्राइम के ऐसे मामले अब आए दिन सामने आ रहे हैं, जिससे आमजनों को सावधान रहने की जरूरत है। यही नहीं ऐसा फोन आने पर बिना किसी घबराहट के पुलिस अधिकारियों के संपर्क में आकर वे ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
सरगुजा में ही बल्कि प्रदेश भर में पुलिस के पास ऐसे मामले पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों में ठग की मांग कभी खत्म नहीं होती है। एक बार रुपये मिलने के बाद वे और रकम ठगने के जुगत में लग जाते हंै। ऐसे ही मामले में एक व्यक्ति को तथाकथित पुलिस अधिकारी ने अनैतिक कृत्य में संलिप्त होने का धौंस दिखाकर रकम ऐंठ लिया। इसके बाद भी तरह-तरह की धमकी देकर मानसिक रूप से टार्चर करने का दौर खत्म नहीं हो रहा था। अंतत: वह पुलिस की शरण में पहुंच कर घटनाक्रम की जानकारी दिया। एक अन्य मामले में शहर के संभ्रांत व्यवसायी की पुत्री को ठग ने लगभग 50 हजार रुपये से अधिक की चपत लगा दी। ठग ने व्यवसायी की पुत्री से उसके पिता के लहजे में बात करके बीमार होने की बात कही और तत्काल रुपये भेजने के लिए कहने लगा। व्यवसायी की पुत्री को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। ठग ने बात करने के दौरान हालात ऐसे बना दिए, जिससे घबराई बेटी तत्काल बताए गए नंबर पर रुपये ट्रांसफर कर दी। रुपये भेजने के बाद जब पिता का हाल-चाल जानने के लिए बेटी ने संपर्क किया तो पता चला कि उसके पिता ने न तो फोन किया है, न ही रुपये मंगाए हैं और न ही वे या परिवार का कोई सदस्य कहीं भर्ती हैं, जिसके इलाज के लिए वे रुपये मंगाते। इसकी जानकारी साइबर क्राइम पुलिस को देने के साथ कोतवाली पुलिस को भी दी गई है, जिस पर पुलिस अग्रिम जांच, कार्रवाई में जुट गई है।  

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