बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर के सिविल विभाग से निकाले गए टेंडर में ठेकेदार द्वारा फर्जी बैंक गारंटी पेपर जमा करने मामले में समाचार प्रकाशन के बाद हरकत में आए एसईसीएल प्रबंधन ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। स्टॉफ ऑफिसर सिविल द्वारा जारी नोटिस में ठेकेदार को सात दिनों के भीतर नोटिस का जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर वैधानिक कार्यवाही की बात कही है। बता दे कि बैंक गारंटी टर्म डिपाजिट की फर्जी रसीद पकड़ में आने के बाद एसईसीएल प्रबंधन और न ही बैंक प्रबंधन मामले को लेकर ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में कोई रिपोर्ट अब तक दर्ज कराई है बल्कि ले देकर पूरा अमला मामले को दबाने में जुटा था लेकिन समाचार प्रकाशन के बाद अब एसईसीएल व बैंक प्रबंधन संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही की बात कह रहा है। जिससे आने वाले दिनों में जांच तेज होने और मामला पुलिस को सौंपने की भी बात कही जा रही है। ज्ञात हो कि एसईसीएल के सिविल विभाग से पिछले दिनों डे टुडे मेंटनेंस ऑफ सीआईएसएफ कैम्प एंड मेन मैगजीन के टेंडर निकाला गया था। उक्त कार्य आदित्य कन्सट्रक्शन को एल वन के आधार पर प्राप्त हुआ था। टेंडर में विभाग के पास ठेकेदार को वर्क आर्डर से पूर्व दो लाख तीस हजार रुपए की बैंक गारंटी जमा करनी थी। खबर है कि संबंधित ठेकेदार ने भारतीय स्टेट बैंक से फर्जीवाड़ा कर दो लाख तीस हजार रुपए की फर्जी टीडीआर रसीद जमा करा दी है। बताया जा रहा है कि टर्म डिपाजिट रसीद एसबीआई बिश्रामपुर शाखा से जारी है, जो विधिवत सामान्य फिक्स डिपाजिट रसीद की तरह कम्प्यूटर प्रिंटेड है। भारी भरकम राशि होने और रसीद में कुछ शंका होने पर एसईसीएल के वित्त विभाग के अधिकारी ने उक्त टर्म डिपॉजिट रसीद को सत्यापन के लिए एसबीआई बिश्रामपुर ब्रांच भेज दिया, जहां जांच व रिकॉर्ड मिलान के बाद उक्त टीडीआर की पावती फर्जी पाई गई है, जिससे बैंक प्रबंधन ने उक्त रसीद के फर्जी होने का जवाबी पत्र में उल्लेख कर एसईसीएल प्रबंधन को भेज दिया था। एस बीआई प्रबंधन द्वारा फर्जी टीडीआर रसीद को जांच के बाद वापस प्रबंधन को भेज इसकी उचित जांच नहीं करने से बैंक प्रबंधन की भूमिका पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।

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