बिश्रामपुर। पिता की हत्या उपरांत पुलिस को चकमा देने वाले कलयुगी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया है। जयनगर पुलिस ने बताया कि 8 अप्रैल को थाना लखनपुर से मृतक राजेन्द्र सिंह पिता स्व. मोहरसाय 60 वर्ष निवासी ग्राम पहाडगांव सतीपारा थाना जयनगर की मर्ग डायरी प्राप्त हुई थी। जिसमें मृतक की मौत को सड़क दुर्घटना में होने की बात कही गई थी। मामले की विवेचना करने पर मृतक के परिजन द्वारा मृतक राजेन्द्र सिंह की मौत पर संदेह जताया गया था। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एमआर अहिरे को अवगत कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण की सूक्ष्मतापूर्वक जांच किए जाने हेतु निदेर्शित किया गया था। जिस पर मामले की विवेचना बारीकी से की गई। विवेचना के दौरान पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि 4 अप्रैल 2024 को रात करीब 7-8 बजे मृतक का झगडा विवाद उसके मझले पुत्र मनोज सिंह से हुआ था। आरोपी मनोज सिंह से पूछताछ करने पर उसके द्वारा रोड एक्सीडेंट से पिता की मृत्यु होने की झूठी कहानी बताई गई थी। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी कलयुगी पुत्र मनोज सिंह अपने बातों में ही फंस गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना दिवस उसकी पिता मृतक राजेंद्र सिंह के साथ बिना पूछे बैल बेचने की बात को लेकर विवाद हुआ था और आरोपी मनोज सिंह ने नाराज होकर पिता पर लोहे के राड से सिर में वार कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल पिता को ईलाज हेतु अंबिकापुर लेकर जाने एवं डॉक्टर द्वारा रायपुर रेफर किए जाने पर एम्बुलेंस से रायपुर जाने के दौरान लखनपुर के पास पिता का स्वास्थ्य बिगडने पर लखनपुर अस्पताल में लेकर गया, जहां  चिकित्सकों द्वारा वृद्ध राजेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी कलयुगी पुत्र द्वारा अपने बचाव व पुलिस को गुमराह करने की नियत से रोड से एक्सीडेंट से मृत्यु होने की झूठी रिपोर्ट थाना लखनपुर में दर्ज कराया गया था।पुलिस द्वारा आरोपी पुत्र मनोज सिंह के निशानदेही पर पिता की हत्या में प्रयुक्त एक नग लोहे के राड को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी पुत्र के खिलाफ धारा 302, 201, 506 के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायालय पेश कर दिया है। कार्यवाही में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक थाना प्रभारी जयनगर स्निग्धा सलामे, सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण राठौर, प्रधान आरक्षक रजिन्दर एक्का, महेंद्र सिंह, संतोषी वर्मा, आरक्षक विकास मिश्रा, सोनू सिंह, सुरेश तिवारी, अविनाश कुजूर, राजीव गवेल सक्रिय रहे।

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