मामला विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने का, मृतिका की मां ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए  

अंबिकापुर। पांच वर्ष पूर्व ब्याही सिमरनजीत कौर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवती का विवाह हाल में गांधीनगर थाना क्षेत्र के गोधनपुर में रहने वाले सुमीत सिंह से हुआ था। मां ने बेटी को टार्चर करने और खुदकुशी करने के लिए उत्प्रेरित करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनका कहना है कि फांसी लगाने की घटना को छिपाते हुए काफी विलंब से उन्हें बेटी के सीरियस होने व अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई थी। पुलिस ने मायके व ससुराल पक्ष का बयान लेकर न्यायिक अधिकारी की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने एसडीएम से मिली सहमति के बाद मृतिका की मां के इच्छानुसार शव को मायके पक्ष के सुपुर्द किया है। मृतिका की मां का कहना था कि एक गरीब मां की पिता विहीन बेटी को जब ससुराल वाले सुरक्षित नहीं रख पाए, अब मरने के बाद वह बेटी के शव का दुर्गति नहीं होने देगी, वह स्वयं उसका अंतिम संस्कार करेगी।  

जानकारी के मुताबिक बिश्रामपुर निवासी स्व. कुलविंदर सिंह की लड़की सिमरनजीत कौर का विवाह गोधनपुर निवासी वाहन सीजिंग का काम करने वाले सुमीत सिंह से जून 2019 में हुआ था। दोनों के दाम्पत्य जीवन के बीच कोई संतान नहीं थी। मृतिका के पति का कहना है दोनों के बीच लड़ाई-झगड़ा नहीं होता था। जब वह शराब पीकर घर आता तो पत्नी सिमरन टोकती थी। उसका ब्लडप्रेशर भी लो रहता था। 22 मार्च की रात लगभग पौने 12 बजे जब वह शराब पीकर घर आया तो सिमरन बोली कि फिर आज शराब पीकर आए हो, तो वह हां बोला। इसके बाद वह अपने शयन कक्ष की ओर चले गई। गुस्से में बेडरूम की ओर पत्नी को जाते देख वह घरेलू काम करने वाली गुड़िया के साथ उसके बेडरूम में गया तो वह फांसी लगाने की कोशिश कर रही थी। इस बीच बेडरूम में उनके पहुंच जाने के कारण वह खुदकुशी नहीं कर पाई। मृतिका के पिता का कहना है देर रात दो बजे के लगभग घरेलू काम करने वाली गुड़िया आकर बताई ऊपर कमरे में भाभी दुपट्टा के सहारे पंखा में लटकी है। इसकी सूचना डॉयल 112 को दी गई। मौके पर पुलिस पहुंची और सिमरनजीत को फांसी के फंदे से उतारकर वे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। यहां आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने न्यायिक अधिकारी, नायब तहसीलदार निखिल श्रीवास्तव की उपस्थिति में मृतिका के शव का डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की अग्रिम जांच पुलिस करेगी।  

मां ने खुदकुशी के लिए उत्प्रेरित करने का लगाया आरोप  
मृतिका सिमरनजीत कौर की मां हरजीत कौर ने शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज में कुछ नहीं लाने की बात कहते हुए ससुराल पक्ष की ओर से उलाहना देने और उसे आपत्तिजनक कार्य करने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि कई बार जुल्म, अत्याचार की जानकारी वह फोन पर बात करते समय देती थी, लेकिन वे ससुराल पक्ष के बीच में रोड़ा नहीं बनना चाहते थे। कई बार मामा से मोबाइल पर दामाद की बात होती तो धमकी भरे लहजे में बहुत कुछ कहा जाता था, इसका प्रमाण उनके पास है। शुक्रवार की शाम को बेटी से अंतिम बार उनकी बात हुई थी। शनिवार को अलसुबह पौने पांच बजे उन्हें फोन पर बताया गया कि सिमरन सीरियस है, उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराए हैं। यहां रहना पड़ेगा इसलिए दो जोड़ी कपड़ा लेकर आइए। इसके बाद वह अंबिकापुर आने के लिए तैयारी करने लगी। गाड़ी के लिए जिसे फोन लगा रही थी वह फोन नहीं उठाया। इसके बाद समधन का पुन: फोन आया कि वे उन्हें लेने आ रहे हैं। वह मना की लेकिन साढ़े पांच-छह बजे के बीच सिमरन की सास उन्हें लेने बिश्रामपुर तक पहुंच गई। इस बीच रात 12 बजे सिमरन के फांसी लगा लेने की जानकारी दी तो उनके होश उड़ गए। हरजीत कौर का आरोप है कि उनकी बेटी को टार्चर किया जाता था, काफी परेशान किया गया। उसे मरने के लिए प्रेरित किया जाता था। उसके सामने जहर तक रख देते थे, फांसी लगाने के लिए उत्प्रेरित करते थे। इसके पीछे कारण पिता विहीन बेटी के विवाह में दहेज नहीं दे पाना था।

पुलिस की समझाइश के बाद टल गया विवाद
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र में जब ससुराल पक्ष के लोग बयान दर्ज करा रहे थे, इसी बीच मायके पक्ष के लोग भी पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने होने के बाद विवाद की स्थिति बनने लगी। इस पर हस्तक्षेप करते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी, ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में विलंब की स्थिति न बनने पाए। वहीं शव कौन ले जाएगा, इसे लेकर उहापोह की स्थिति बनी थी। मायके पक्ष से मां शव किसी भी कीमत में ससुराल वालों को देने के पक्ष में नहीं थी। मायके पक्ष के साथ बिश्रामपुर से गुरूद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे थे। सभी घटनाक्रम व ससुराल पक्ष के लोगों के व्यवहार को लेकर खफा रहे। इन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों का सार्वजनिक स्थल पर रूखा व्यवहार देखकर कहा, घर में किस तरह ये बहू के साथ पेश आते होंगे, समझा जा सकता है।

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