वाहन में फंसे नाना-नाती को 10 मीटर घसीटते ले गया, नाती की स्थिति गंभीर

भटगांव। एसईसीएल के कोयला परिवहन में लगी कंडम हाइवा वाहन के अनाड़ी चालक ने मोटरसाइकल सवार दो लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल हो गया। आक्रोशित लोगों ने लगभग छह घंटे तक शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और उचित मुआवजा, कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के मुताबिक बीती रात लगभग 7:30 बजे भटगांव इमलीपारा निवासी एसईसीएल से सेवानिवृत विफल राजवाड़े पिता नानसाय 70 वर्ष मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 जेडसी 0151 से अपने नाती के साथ सीवारीपारा की तरफ से भटगांव आ रहे थे, इसी बीच दूसरी तरफ से एसईसीएल कंपनी के कोयला परिवहन में लगी कंपनी आरकेटीसी के कंडम हाइवा क्रमांक सीजी 12 बीसी 2590 को तेज रफ्तार में चला रहे नौसिखये चालक ने गलत साइड में जाकर स्टेडियम चौक के पास ठोकर मार दिया और लगभग 10 मीटर तक घसीटते ले गया। दुर्घटना में विफल साय की मौके पर मौत हो गई और नाती कृष्णा प्रसाद घायल हो गया। दुर्घटना के बाद चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया, जिसे लोगों ने पहचाना। दुर्घटना की खबर पर मृतक के स्वजन सहित सैकड़ों की संख्या में लोग स्टेडियम चौक पर एकत्र हो गए और शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह ढिल्लो, थाना प्रभारी प्रतापपुर के अलावा भटगांव, करंजी, खड़गवां, चेंद्रा चौकी व थाना के पुलिस धिकारी और जवान मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाइश दी। स्वजनों ने बतौर मुआवजा 80 लाख रुपये की मांग की और कोयला परिवहन करने वाले मालिक, चालक व एसईसीएल के अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए शव नहीं हटाने पर अड़े रहे। लगभग छह घंटे कोयला परिवहन को बाधित करके प्रदर्शन करते रहे। पुलिस व प्रशासन के लगातार समझाइए के बाद स्वजन शव हटाने राजी हुए। इन्हें तत्काल सहायता के रूप 50 हजार रुपये और दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने पंचनामा पश्चात शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

कोयला परिवहन में लगी कंडम वाहनों की नौसिखये चला रहे
क्षेत्रवासियों व स्वजन का आरोप है कि एसईसीएल के कोयला परिवहन में कंपनी जिन गाड़ियों का उपयोग कर रही है उनकी स्थिति काफी कंडम है। हाइवा व ट्राला का हेडलाइट सही नहीं जलता है, इंडिकेटर नहीं जलता है। चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं। आगे पीछे रेडियम पट्टी नहीं रहता है, जिससे कोयले के डस्ट में गाड़ी का पता नहीं चलता है। सभी चालकों के पास वैध लाइसेंस भी नहीं रहते। कोयला परिवहन में लगे वाहनों की वजह से दर्जनों लोग अब तक जान गंवा चुके हैं। एसईसीएल प्रबंधन को सिर्फ कोयला परिवहन करवाने से मतलब है, सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। कोयला खदान से जुड़े लोगों ने बताया कि डीजल बचाने के लिए चालक गाड़ी को ढलान में न्यूटल कर देते हैं, इसकी वजह से यह हादसा हुआ है। गाड़ी न्यूट्रल होने के कारण आउट ऑफ कंट्रोल थी।

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