रामानुजनगर। विकासखण्ड के भुनेश्वरपुर आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बहुत ही अच्छी पढ़ाई हो रही है।दो साल तक अपनी दुर्व्यवस्थाओं व बाहरी तत्वों के अनाधिकृत दखलंदाजी के कारण न सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रहे थे बल्कि स्टाफ के बीच भी तालमेल में अभाव के कारण यह स्कूल विवादित बना हुआ था। मगर वहां पदस्थ प्राचार्य व हिंदी माध्यम के शिक्षकों को हटाकर अंग्रेजी माध्यम के फ्रेश प्राचार्य की पोस्टिंग के बाद न सिर्फ व्यवस्थाएं सुधरी बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। शिक्षकों के बीच आपसी तालमेल के साथ ही एक शैक्षणिक संस्थान में कैसा अनुशासन हो इसका भी उदाहरण भुनेश्वरपुर आत्मानंद स्कूल में देखने को मिल रहा है।
दरअसल स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सरकार का ड्रीम स्कीम है सरकार शिक्षा को लेकर सिर्फ बड़े बड़े दावे भर नहीं कर रही है आत्मानंद स्कूल के माध्यम से बेहतर शिक्षा व्यवस्था हो इसके लिए बड़े पैमाने पर राशि भी खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन स्कूलों में विभागीय तौर पर प्रभावी नियंत्रण व स्थानीय स्तर पर प्रबंधन सही नहीं होने से स्कूल सही तरीके संचालित नहीं हो पा रहे हैं। दो साल से यहां भी यही हाल रहा। लेकिन जैसे प्राचार्य व कुछ विवादित शिक्षकों को हटाकर न‌ए प्राचार्य की पोस्टिंग हुई तो स्कूल का माहौल ही बदल गया। अभिभावकों के अनुसार भुनेश्वरपुर आत्मानंद स्कूल में समय पर टेस्ट मासिक मूल्यांकन समय पर अभिभावक सम्मेलन के साथ ही अन्य सभी गतिविधियों को सूचारू रूप संचालित किए जा रहे हैं।

हिंदी माध्यम स्कूल का कोड बदलने से परेशानी ‌‌भूनेश्वरपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल में ही स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल भी संचालित होता है। पहले हिंदी माध्यम स्कूल के स्टाफ ही आत्मानंद स्कूल चला रहे थे उसी दौरान वर्ष 2022 में हायर सेकेंडरी स्कूल के कोड को बदलकर अंग्रेजी माध्यम सजेश में शामिल कर दिया गया और हायर सेकेंडरी हिंदी माध्यम वाले कोड को परीक्षा कोड बना दिया गया। अब हायर सेकेंडरी हिंदी माध्यम के बच्चों का भी सजेश में इंट्री हो रहा है जिससे हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य व शिक्षकों का कोई औचित्य नहीं रह गया है वे आय व्यय संबंधित मामले में पूरी तरह सजेश के प्राचार्य पर निर्भर हो ग ए हैं हायर सेकेंडरी हिंदी माध्यम प्राचार्य के हाथ में कुछ भी नहीं है। शिक्षा विभाग इतनी बड़ी गड़बड़ी के मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2022 में जो हिंदी माध्यम के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अटैच शिक्षक थे उनके द्वारा ही उक्त कारनामे को अंजाम दिया गया।इसे लेकर वहां के स्टाफ काफी परेशान हैं। और जिला शिक्षा विभाग द्वारा उक्त गड़बड़ी को सुधारने कोई पहल नहीं किया जा रहा है।

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