आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शहर के होटल में हुए घटना की विवेचना जरूरी

अंबिकापुर। एनएसयूआई का उपाध्यक्ष कोतवाली थाना क्षेत्र के जिस होटल में नाबालिग से दुष्कर्म करता था वह भाजपा नेता का है। होटल संचालक व छात्र नेता एक ही शहर के हैं, ऐसा नहीं होगा कि जब वह छात्रा के साथ होटल में आता होगा, तो किए जा रहे कुकर्म से होटल संचालक व कर्मचारी अनभिज्ञ होंगे। नियम के तहत कमरा देते समय इनका आइडिंटिफिकेशन किया जाता होगा, रजिस्टर में एंट्री होती होगी। पहचान पत्र का फोटो कॉपी रखा जाता होगा। इसके बाद भी लंबे समय तक होटल में छात्रा को लाकर हवस की भूख मिटाने वाले युवक की करतूत का पर्दाफास नहीं हो पाया। ऐसे में होटल के कर्मचारियों व संचालक की भूमिका सवालों के घेरे में है। पीड़िता ने कोतवाली थाने में दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि आरोपी उसके मुहल्ले का निवासी है और वह उसे ब्लैकमेल करके मनचाहे स्थान पर लेकर जाता और सहयोगी के माध्यम से बुलाकर दुष्कर्म करते आ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी छात्रनेता अफसर अली और उसके  सहयोगी नदीम, दोनों निवासी मोमिनपुरा अंबिकापुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हो सकता है आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की फाइल ठंडे बस्ते में चले जाए। सवाल यह उठ रहा है कि देवीगंज रोड में स्थित जिस निशांत इन होटल के कमरा नंबर 105 और कमरा नंबर 108 में नाबालिग की अश्लील तस्वीर लेकर सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर उसकी मर्जी के बगैर दुष्कर्म किया गया इस मामले में पुलिस क्या कदम उठाएगी। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपी ने पहली बार दुष्कर्म मैनपाट के किसी गेस्ट हाउस में भी किया था। इसके बाद 17 जून 3023 को फोन करके उसे गलत लड़की करार देकर पीछा छुड़ाने की मंशा रख स्वयं के मंगनी होने की बात करने लगा। आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल छीनकर चैटिंग और सारे डिटेल डिलीट कर दिए। उससे मिलने की कोशिश करने पर समाज में उसे और परिवार को बदनाम करने की धमकी आरोपी ने दी थी। इससे क्षुब्ध होकर उसी तिथि को वह खुदकुशी करने की नीयत से घर से तकिया डेम निकल गई थी। स्वजन उसे खोजते पहुंचे तो अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। स्वजनों ने दुष्कर्म करने वाले युवक के पिता से बात की तो 10 लाख रुपये लेकर उसका विवाह कहीं और करा देने की बात कहने लगे। 27 जुलाई को यह मामला कोतवाली पुलिस तक पहुंचा और आरोपी अफसर अली और उसके सहयोगी नदीम को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजी। इधर इस घटना के सामने आने के बाद एनएसयूआई के अध्यक्ष द्वारा आरोपित युवक को उपाध्यक्ष के पद से मुक्त करने संबंधी एक सूचना पत्र वायरल किया है।

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