रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)करोड़ो रूपये के शौचालय घोटाले के लिए चर्चित रामचंद्रपुर विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही है ग्राम पंचायत देवीगई के जनपद सदस्य सीताराम गुप्ता के द्वारा जनपद सीईओ विनय गुप्ता को शिकायत प्रेषित करते हुए बताया गया था की वर्ष 2016-17 में दस प्रधानमंत्री आवास जो स्वीकृत हुआ था उसकी पूरी राशि आहरित हो गई है परंतु आवास आज तक पूर्ण नहीं हुआ है। जनपद सदस्य की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर जनपद सीईओ के द्वारा नोटिस जारी किया गया है।

जनपद सदस्य सीताराम गुप्ता ने जनपद सीईओ विनय गुप्ता को शिकायत प्रेषित करते हुए बताया था की सन 2016-17 में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास जल्लू पीता केवट, दिलीप सिंह पिता जेठू सिंह, संजय प्रजापति पिता झरी प्रजापति, पूजा सिंह पिता राम अवतार सिंह, जीतन सिंह पिता गहनु सिंह, कालू गहनु पिता तेजू सिंह, राजमती पति तोहिल, कांति पति मदन, हिरवा देवी पति रामदेव की पूरी राशि आहरित हो गई है परंतु प्रधानमंत्री आवास अभी भी अपूर्ण है। जनपद सदस्य के शिकायत के बाद प्रधानमंत्री आवास के विकासखंड समन्वयक विक्की गुप्ता के द्वारा जांच किया गया तो जांच में आवास अपूर्ण पाया गया जिसके बाद जनपद सीईओ के द्वारा नोटिस जारी की गई है।

मिलीभगत से दिया जाता है फर्जीवाड़े को अंजाम- जिस प्रकार से प्रधानमंत्री आवास के लिए किस्त किस्त में राशि हितग्राही को दी जाती है इससे निश्चित रूप से फर्जीवाड़ा करना संभव नहीं है परंतु इसके बावजूद भी  प्रधानमंत्री आवास के अधिकारियों की मिलीभगत से दलालों के द्वारा प्रधानमंत्री आवास के नाम पर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया जाता है।

कार्यवाही नहीं होने से हौसले हैं बुलंद- करोड़ो के शौचालय घोटाले के लिए चर्चित रामचंद्रपुर विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर भी कई गांव में बड़े फर्जीवाड़े हुए हैं इसकी शिकायत भी हुई है जांच भी हुई है एवं जांच में सत्यता भी पाई गई है परंतु कार्यवाही के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई है जिससे प्रधानमंत्री आवास के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों के हौसले अभी भी बुलंद है यदि प्रशासन के द्वारा इसमें ठोस कार्यवाही की जाती तो निश्चित रूप से हितग्राहियों के साथ प्रधानमंत्री आवास के नाम पर यह फर्जीवाड़ा नही हो पाता।
हर गांव में दलाल है सक्रिय- रामचंद्रपुर विकासखंड के लगभग सभी गांव में ऐसे दलाल सक्रिय हैं जो प्रधानमंत्री आवास हितग्राही का स्वीकृत होने के साथ ही उनके खाते में जैसे ही पैसा आता है वैसे ही उनके पीछे लग जाते हैं एवं भोले-भाले ग्रामीण इन दलालों के चक्कर में आकर पैसा निकाल कर दे देते हैं फिर शुरू होता है इनके फर्जीवाड़े का खेल जिसके बाद यह दलाल प्रधानमंत्री आवास के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे फर्जीवाड़ा को अंजाम देते हैं। यदि मौके की जांच नहीं की जाए तो कभी भी इनका फर्जीवाड़ा सामने नहीं आ पाएगा क्योंकि कागजों में ही है प्रधानमंत्री आवास निर्माण को पूर्ण बता देते हैं।

प्रधानमंत्री आवास के अधिकारियों पर भी हो कार्यवाही- प्रधानमंत्री आवास देखरेख के लिए शासन के द्वारा अधिकारी नियुक्त किए गए हैं परंतु इनकी कार्यशैली पूर्णता संदेह के घेरे में है जिस प्रकार से लगातार प्रधानमंत्री आवास की शिकायतें आ रही है निश्चित रूप से उनकी भी जवाबदारी है जब समय समय पर यह अधिकारी निरीक्षण करते रहते तो ऐसा फर्जीवाड़ा संभव नहीं हो पाता इसलिए प्रधानमंत्री आवास के अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की आवश्यकता है।
इस संबंध में जनपद सीईओ विनय गुप्ता ने कहा कि ग्राम देवीगंज में प्रधानमंत्री आवास की शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच तत्काल करवाई गई जिसमें पाया गया कि ठेकेदार के द्वारा हितग्राही से आवास बनाने के नाम पर पैसा ले लिया गया था परंतु आवास अभी भी अधूरा है संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है एवं उसके द्वारा आवास पूर्ण नहीं कराए जाने पर एफआईआर भी कराया जाएगा।

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