*गड़े मुर्दे उखाड़ने वाली पुलिस भी नहीं खोज पाई छह वर्ष से गायब बालिका को*
अंबिकापुर। सरगुजा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बतौली विकासखंड के ग्राम बिलासपुर में खांडसारी उद्योग का लंबे समय से संचालन हो रहा है। उद्योग क्षेत्र से पिछले लगभग नौ वर्षों में आधा दर्जन से अधिक लड़कियों के गायब होने की जानकारी ग्रामीण दे रहे हैं। कहना है पुलिस व जिला प्रशासन को सबकुछ पता है, फिर भी गड़े मुर्दे उखाड़ने वाली पुलिस के हाथ इस मसले पर खाली हैं। पुलिस ने ऑपरेशन गूंज के तहत कई बालिकाओं को उनके स्वजनों तक पहुंचाया है, लेकिन कम उम्र की बालिकाएं जो युवावस्था में कदम रख चुकी हैं, इनका पता नहीं चलने से ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक ग्राम बिलासपुर निवासी मद्धिम साय प्रजापति की बेटी पिछले छह सालों से गायब है, तत्समय उसकी उम्र 13 वर्ष थी। बेटी के गायब होने की शिकायत पुलिस थाने से लेकर कलेक्टर तक लाचार पिता ने की लेकिन आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पूरा परिवार और गांव के लोग लड़की को जिंदा या मुर्दा सामने लाने की गुहार लगा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस इलाके से आधा दर्जन से अधिक लड़कियां गायब हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पास में बने खांडसारी उद्योग में काम करने लोग दूसरे राज्यों के रहते हैं, जो फैक्ट्री में काम करने के साथ लड़कियों को अपने चंगुल में फंसा लेते हैं, इसके बाद लड़कियों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाते हैं। मामले में सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला का कहना है कि इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है, तीन बार छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर टेक्निकल टीम की निशानदेही को आधार बनाकर पुलिस टीम लड़की की खोज में गई लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई, इसकी जांच जारी है। इधर ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्थापित खांडसारी उद्योग के संचालको के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे शिकायत करने पर उन्हें  धमकाते हैं। बहरहाल देखना है कि सरगुजा पुलिस पिछले छह सालों से लापता लड़की का सुराग लगा पाने में सफल हो पाती है या नहीं।

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