प्रोटोकॉल की परवाह किए बगैर वरिष्ठ कांग्रेसजनों को रोकने पर मचा बवाल

स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त लहजे में कहा-प्रशासन को परिपक्व होने की जरूरत

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से जय-वीरू की जोड़ी के रूप में मशहूर हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व अंबिकापुर विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव जेट प्लेन से शनिवार को अंबिकापुर से लगे दरिमा में स्थित मां महामाया एयरपोर्ट पहुंचे। राजनैतिक उथल-पुथल को लेकर भले ही जो भी चर्चा होती हो, पर दोनों एक साथ मुस्कुराहट लिए चिर-परिचित अंदाज में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते जेट प्लेन से उतरेे। यहां मौजूद प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत व सीजीएमएससी के अध्यक्ष एवं लुंड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम सहित अधिकारियों ने इनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। इसके पहले कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के बीच घमासान की स्थिति व्हीआईपी दीर्घा में प्रवेश को लेकर बनी। केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त शफी अहमद व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित अन्य को प्रवेश करने से अधिकारियों ने रोका, इसके बाद अधिकारियों और कांग्रेसजनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। शोर-शराबा सुनकर प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, बाद में इन्हें मंच के सामने बनाए गए दीर्घा में प्रवेश मिला। इसकी जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को मिली और उन्होंने समझाइश भरे लहजे में कहा प्रशासन को इस दिशा में परिपक्व होने की जरूरत है। इधर एयरपोर्ट के निरीक्षण दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां किए गए कार्यों की प्रशंसा कुछ ऐसे कर दी कि अधिकारी मुख्यमंत्री का पैर छूते, नीचे बैठकर फोटो खिंचवाने लगे।

बता दें कि दरिमा एयरपोर्ट में प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन और निरीक्षण को देखते हुए केबिनेट मंत्री का दर्जा औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, 20 सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल के अलावा खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, महापौर डॉ. अजय तिर्की, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित अन्य कांग्रेस जन पहुंचे थे। कुछ तो आसानी से मंच के सामने बनाए गए दीर्घा तक पहुंच कर अपना स्थान ग्रहण कर चुके थे। बाद में केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता व पार्षद पहुंचे, तो इन्हें अंदर आने से रोकते हुए पीछे का रास्ता मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने दिखाया, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। कांग्रेसजनों ने कहासुनी के बीच कई ऐसी बातें कह डाली, जिससे यह स्पष्ट हो रहा था उनसे भेदभाव करने में प्रशासन के अधिकारी लगे हैं। बाद में श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुछ कार्यकर्ताओं, पार्षदों के साथ मंच के सामने बने दीर्घा तक पहुंचे। इस दौरान मौके पर कलेक्टर कुन्दन कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी पहुंच गए थे, जिनके सामने कांग्रेसियों ने जमकर भड़ास निकाली।
टीएस सिंहदेव ने कही ये बात
कांग्रेस के वरिष्ठजनों और कार्यकर्ताओं के बीच बनी दुविधाजनक स्थिति की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को मिली, तो उन्होंने नाराजगी व समझाइश भरे स्वर में कहा कि प्रशासन को ऐसे मौके पर परिपक्वता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा अधिकारी ट्रेंड हैं, कई जगह कलेक्टर, एसपी रह चुके हैं। किसको एलाऊ करना है, किसको एलाऊ नहीं करना है, यह इन्हें मालुम होना चाहिए। सिंहदेव ने कहा एयरपोर्ट होने के कारण कई कारणों को लेकर पाबंदियां रहती हैं, लेकिन प्रोटोकॉल की सूची में जो आते हैं, उनको प्राथमिकता देनी चाहिए। मंच पर भी ऐसे लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त पदाधिकारी नीचे बैठे हैं, मंच पर कुर्सी खाली है, तो यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। ऐसा हो रहा है, तो गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए। किसके साथ के लोग हैं, ऐसी बात नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि कहां कितने लोगों को जाने देना है, किनको जाने देना है, इस पर प्रोटोकॉल का पालन अधिकारियों को करना चाहिए। अगर जिले में दो केबिनेट मंत्री हैं, तो पहला नंबर उनका है, फिर स्थानीय विधायक या अन्य कोई विधायक हो तो उन्हें स्थान मिलना चाहिए। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, मंडल व निगम के अध्यक्ष को यथोचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने पुन: अपनी बातों को दोहराते हुए कहा कि प्रशासन परिपक्व हो, परिस्थितियों के दबाव में उन्हें नहीं आना है। कोई व्हीआईपी आता है, तो हर कोई आगे आना चाहता है।

अपशब्दों का नही करें प्रयोग
आक्रोशित कांग्रेस के कार्यकर्ता अधिकारियों के द्वारा प्रवेश के दौरान किए गए व्यवहार को लेकर इतना खफा थे कि वे गालीगलौज पर उतारू हो गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इन्हें अपशब्दों का प्रयोग नहीं करने कहा। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान कहा जाए तो गुटबाजी का परिदृश्य भी देखने को मिला।

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