बात राजनीति की नही, राजनीति के कारण परिवार टूटने की है, अभी भी सुलह की गुंजाइश है बशर्ते वे राजनीति से बाहर आ जाएं: अमितवो घोष…

राजनीति से दूरी, मारपीट, तलाक, अपमान व अवैध कमाई से लेकर बहुत कुछ लिखा पोस्ट में…

बैकुंठपुर- संसदीय सचिव व बैकुंठपुर विधायक अम्बिका सिंहदेव के पति अमितवो घोष का सोसल मीडिया फ़ेसबुक में ” मुझे भी कुछ कहना है’ पोस्ट प्रहार लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। जिसे लोग अपने अपने नजरिए से देख रहे हैं। शनिवार की मध्य रात्रि को फ़ेसबुक की चौथी पोस्ट में उन्होंने पत्नी पर कई सनसनी खेज आरोप लगाये है। राजनीति से दूरी, समझाइश, मारपीट,  तलाक, सार्वजनिक  अपमान व अवैध कमाई से लेकर कई बातों का उल्लेख किया साथ ही पारिवारिक दिक्कतों का हवाला भी पोस्ट में दिया है।

वहीं पूरे मामले को विधायक अम्बिका सिंहदेव अभी तक राजनीतिक रंग दे रहीं थी। जिसे उन्होंने एक सिरे से नकार दिया।  बैकुंठपुर विधायक अंबिका सिंहदेव के पति अमितवो घोष का फेसबुक बयान पार्ट -3 गत शुक्रवार को सामने आया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि विधायक पत्नी से राजनीति से संन्यास लेने व इस्तीफा देने की अपील राजनीतिक नही वरन पारिवारिक है। इससे गत दिनों हुये राजनीतिक घटनाक्रम का कोई लेना देना नही है। उनके राजनीति में आने से पहले हमारे बच्चों की अच्छी परवरिश हो रही थी। अचानक राजनीतिक हवा के झोंके ने हमारा घोंसला ही चकनाचूर कर दिया। संसदीय सचिव व बैकुंठपुर विधायक अम्बिका सिंहदेव के पति अमितवो घोष के द्वारा फेसबुक में लगातार डाली गई चार पोस्ट के बाद से जिले की सियासत गर्मा गई है। उन्होंने बुधवार को अपने पहले पोस्ट में कोलकाता से ब्रिटेन जाने के दौरान अपनी पत्नी अम्बिका सिंहदेव से विधायक पद से इस्तीफा देने व राजनीति छोड़ने की अपील की थी। ब्रिटेन पहुंचने के बाद गुरुवार को भी फेसबुक में उनकी दूसरी पोस्ट आई। जिसमें उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। फेसबुक पोस्ट की वजह से गत कई दिनों से शहर में चर्चाओं का बाजार सरगर्म है। इस दौरान विधायक अंबिका सिंह देव निजी कार्य से राजस्थान में थीं । उन्होंने  शुक्रवार को वापस आने के बाद वे मीडिया से बात की और पूरे घटनाक्रम को सफ़ाई दी थी। जिसमें  अंबिका सिंहदेव ने कहा था कि उनके पति पूर्व मंत्री द्वारा उन पर की गई अमर्यादित टिप्पणी से बेहद आहत हैं। मैं विधायक होने के साथ-साथ किसी की धर्मपत्नी, मां और बहन भी हूं। ऐसे में मेरे पूर्व मंत्री द्वारा मुझ पर अमर्यादित टिप्पणी करने से मेरे पति का मन दुखी है। इसलिए उन्होंने आज के दौर में हो रही स्तरहीन राजनीति से मुझे इस्तीफा देने के लिए कहा है। उनकी यह सफाई पति अमितवो घोष के सोसल मीडिया में जारी बयान के बाद गलत साबित हुई। वहीं पूरे मामले में पूर्व केबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने इसे विधायक का पारिवारिक मामला बताते हुए कोई टिप्पणी से इंकार कर दिया। उन्होंने यह जरूर कहा कि सच जनता के सामने आ चुका है। उन्हें यह जबरन इस मामले में  घसीटा जा रहा था। 

अपनी चौथी फेसबुक पोस्ट “मुझे भी कुछ कहना है’ में अमितवो घोष ने लिखा कि बात निकलेगी तो दूर तलक जायेगी। एक बात घूम फिर के आ रही है कि बात पारिवारिक है,  आपस मैं सुलझाए बात परिवार की नही, राजनीति के कारण परिवार के टूटने की है। परिवार तो अपनी जगह चल ही रहा था इतने सालों से और यह राजनीति भी पारिवारिक नही है। 

सन 2018 से तो इस राजनीति से दूर रहने की बात चल ही रही थी हमारे परिवार में, किसी को कुछ नही मालूम हुआ। और हर कोशिश नाकामयाब रही। 

2018 के जुलाई में काका साहब डॉ रामचन्द्र सिंहदेव का देहांत हुआ। अक्टूबर-नवम्बर में इंडिया से एक रविवार एक वीडियो कॉल आया। घर मे मैं और दोनों बच्चे थे अम्बिका जी बोली – मै पॉलिटिक्स ज्वाईन कर रही हूं। मैं पूछा कि आप बोल रही हो या आलोचना की कोई जगह भी है। उन्होंने कहा – नही यह मेरा फैसला है कोई आलोचना नही।

जवाब में मैंने कहा  – मेरा एक अनुरोध रख  डायवोर्स कर लेते है कोई म्युचुअल शर्त नही, उन्होंने इंकार किया। यह बात उसके बाद कई बार उठी और हर बार उन्होंने इंकार ही किया। जनवरी 21 में जब हम इंडिया आए  13 फरवरी को काका साहब के जन्मदिन पर एक रंगारंग प्रोग्राम रखा गया। जिसमें मुझे इंट्रोड्यूस किया गया – यह है आपके जीजाजी। जनवरी  2023 में बैकुंठपुर में एक और रंगारंग प्रोग्राम हुआ। मैं रायपुर में था, कोई मुझे नही बुलाया। जब मैं विधायक जी से पूछा तब वो बोलीं कि  वो सरकारी कार्यक्रम था । मैं पीछे दो साल से रायपुर में ज्यादा समय रहा। अम्बिका जी न ही मुझे किसी से मिलाए ना ही कहीं कोई प्रोग्राम में जाने के लिए कहा। एक सामाजिकता भी बोल के कुछ होता है। जनवरी 2023 से एक नई बात देखने को मिली। अम्बिका जी ने आपने स्टाफ से भी मुझे अपमानित करवाने की कोशिश की। मेरा आने से पहले उन्होंने कहा – अगर हमसे कुछ गलती हो गई हो तो सॉरी। मेरा जवाब यही था कि  आप क्या एकांत में मेरा अपमान किए इतने दिनों से ? अगर सभी के सामने किए और दूसरों  से करवाये तो सॉरी भी सभी के सामने बोलना। फेसबुक की पहली पोस्ट के बाद मुझे बस और एक ही पोस्ट करना था। पहला अनुरोध दूसरा और अंतिम कारण ये था। कि कल जब वो मीडिया में ” पूर्व मंत्री की टिप्पणी के कारण पोस्ट ” का न्यूज देखा तो मैं पहले अम्बिका जी को मैसेज किया । कि मेरे नाम से यह झूठे बयान क्यूँ दे रही हो ? कल सुबह बात करतें है, कल क्या पीछे कई दिनों से ना बात ना कोई मैसेज। मजबूरन मुझे पोस्ट करना पड़ा। 

एक पैसा की भी चर्चा नजर में आई। नही साब कोई पैसा की बात नही हुई। पर इस बात से एक बात का पता चलता है की राजनीति में कुछ ही सालों मैं भारी भरकम रकम कमाई जा सकती है। और वो अफवाह नही है। आपकी जानकारी के लिए आज तक अम्बिका जी के इंकम के बारे में मैं कभी कुछ नही पूछा। पोस्ट शुरु किया था अपनी बात रखने के लिए, अब क्विज कॉन्टेस्ट में घुसते जा रहा हूं। और एक के बाद एक बातों में उलझते जा रहा हूं। आज से कोई सवालों का जवाब नही दूँगा। 10 फरवरी के बाद हर सवाल का जवाब दूँगा पहले ही लिखा हूं। क्यूँ मैं चाहता हूं कि अम्बिका जी राजनीति से बाहर आ जाएं। बस 6 फ़रवरी सोमवार को यही लिखूँगा।

अगर तब तक अम्बिका जी संपर्क न करें तो। मैं भी चाहता हूँ कि बात और आगे न बढ़े, बात निकलेगी तो दूर तलाक जाएगी।

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