महंगई(मिथलेश जायसवाल)- उदयपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत सलका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काफी बदहाली के दौर से गुजर रहा है, बता दे कि यहां कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से ग्रामीण परेशान है हमेशा यहां दवाइयों की कमी होने के कारण समय पर ग्रामीणों को दवाइयां नहीं मिल पाती है, ग्रामीणों के बताए अनुसार यहां के प्रभारी आर एम ए फारुख कुरैशी की मनमानी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन के समय एक जिले से दूसरे जिले में जाना पूर्णता वर्जित था, फिर भी यह महाशय कई बार बिलासपुर आना-जाना कर महामारी अधिनियम का उल्लंघन खुलेआम कर चुके हैं। कुछ कर्मचारियों व विशिष्ट जनों का कहना है कि हमेशा लगातार कई दिनों तक अनुपस्थित रहने के बाद भी उपस्थिति पंजी में लौटने पश्चात हस्ताक्षर कर दिया जाता है।

उप स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रामीण स्तर पर जीवनदीप समिति का गठन कर स्वास्थ सेवाएं संचालित की जा रही है। लेकिन यहां जीवनदीप समिति का गठन पहले किया जा चुका था जिसका बिना सूचना के ही सलका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों द्वारा पूर्व में बने जीवनदीप समिति के सदस्यों व पदाधिकारियों को हटाकर मनमाने तरीके से अपने कुछ निजी व संबंधित लोगों को समिति में शामिल कर लिया गया।

जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सालाना आने वाले फंड में लाखों रुपए की गड़बड़ी की आशंका ग्रामीणों में बनी हुई है, इसी स्वास्थ्य केंद्र के एक स्टाफ ए एन एम के द्वारा संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग सरगुजा को किए गए शिकायत पत्र में आर एम ए फारुख कुरेशी के ऊपर आरोप लगाया है। शिकायत मिलने पश्चात तत्काल कार्यवाही करते हुए संभागीय संयुक्त संचालक सरगुजा संभाग द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारी उदयपुर को लिखित निर्देशित किया गया कि इस मामले में मिली शिकायत की बिंदुवार जांच कर जांच प्रतिवेदन तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।

इस मामले में उदयपुर बीएमओ आसाराम जयंत का कहना है कि अभी इस मामले में सभी कर्मचारियों का बयान नहीं हो पाया है इस मामले में जांच चल रही है जल्द ही इसका निराकरण हो जायेगा।

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