अंबिकापुर-बनारस मार्ग फिर से गड्ढों में तब्दील, वाहन चालक परेशान
दो फीट के गहरे गड्ढों से बचने के चक्कर में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जरही। नगर पंचायत जरही के मुख्य बाजार से होकर गुजरने वाली अंबिकापुर-बनारस राष्ट्रीय राज्यमार्ग की हालत पुन: खराब है। बड़े-बड़े गड्ढे कभी भी बड़े हादसे का कारक बन सकते हैं। इस सड़क मार्ग की दुर्दशा को दूर करने के नाम पर पेचिंग का कार्य मुख्यमंत्री को हिचकोले से बचाने के लिए किया गया था। हाल में इस बार सड़क पर बने गड्ढों ने बड़ा आकार ले लिया है, जिससे छोटे-मोटे हादसे तो हो ही रहे हैं, कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं। इन गड्ढों में बारिश होने पर पानी जमा हो जाता है। बरसात नहीं होने पर पूरे बाजार में धूल का गुबार उड़ता है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। जरही बाजार के व्यापारी भी धूल से त्रस्त हैं। उत्तर प्रदेश राज्य से छत्तीसगढ़ को जोडऩे वाले राज्य मार्ग में 24 घंटे छोटी-बड़ी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। वाड्रफनगर तक अंबिकापुर-बनारस मार्ग का हाल ऐसा ही गड्ढों से भरा है, जिसमें दो पहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। गड्ढों से छोटे चार पहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। जरही बाज़ार में धूल फांक रहे व्यापारियों ने बताया कि सड़क के खराब होने से दुकानदारी चौपट रहती है, सामान पर धूल जमने से बर्बादी अलग हो रही है। जब तक इस सड़क का पुनर्निर्माण नहीं होगा तब तक ऐसे ही नुकसान की स्थिति बनी रहेगी।
मई माह में हुआ था गड्ढों का भराव
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सभी जिले में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम बीते मई महीने में चल रहा था, इस दौरान उनके काफिले को इस सड़क से लटोरी होते भटगांव पहुंचना था। इसे देखते हुए अंबिकापुर-बनारस मार्ग के गड्ढों पर पेचिंग कर डामरीकरण किया गया था, लेकिन घटिया कार्य होने की वजह से महज 90 दिनों में ही पेचिंग उधड़ गई और सड़क पर फिर से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। छत्तीसगढ़ को उत्तर प्रदेश राज्य से जोडऩे वाली इस सड़क पर अक्सर वीआईपी मूवमेंट होती है, लेकिन नेताओं, मंत्रियों की सड़क की खस्ताहालत पर नजर नहीं पड़ती।

Categorized in: