गिरजा ठाकुर


अंबिकापुर। शहर के एक निजी स्कूल के कक्षा 10वीं कक्षा में पढऩे वाले होनहार छात्र ने किराए के मकान में अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कमरे से मिले सुसाइड नोट में किशोर ने अपने माता-पिता को खुद का व बहन का ख्याल रखने के लिए कहा है और सॉरी लिखा है। इकलौते पुत्र की मौत से स्वजन सदमे में हैं।
जानकारी के मुताबिक प्रतापपुर निवासी सत्यानंद पांडेय का 16 वर्षीय पुत्र निश्चल उर्फ सुजल पांडेय अंबिकापुर के मायापुर मोहल्ले में संजय हाड़ा के यहां किराए के मकान में रहता था व ओरिएंटल पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रहा था। स्वजनों रोजाना शाम सात बजे के करीब निश्चल को फोन कर उसका हाल-खबर लेते थे। बुधवार को निश्चल स्कूल नहीं गया था।  शाम को सात बजे जब स्वजनों ने निश्चल को फोन लगाया तो बार-बार घंटी जाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, जिससे स्वजन परेशान हो गए। उन्होंने बौरीपारा में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को निश्चल को देखने के लिए भेजा, जब वह मौके पर पहुंच दरवाजा खुलवाने के लिए आवाज लगाया तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। खिड़की से झांका तो भीतर कमरे में पंखे से निश्चल फांसी पर लटका दिखाई दिया। दरवाजे को तोड़कर किशोर को फांसी के फंदे से उतारा गया। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे की पड़ताल की तो वहां से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें अंग्रेजी में बालक ने अपने माता-पिता को स्वयं का ख्याल रखने और बहन का ध्यान रखने की बात लिख अंत में सॉरी लिखा था। इसकी जानकारी जब प्रतापपुर में स्वजनों को मिली तो इकलौते पुत्र की मौत से घर में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किशोर का पोस्टमार्टम किया गया, इसके बाद शव को स्वजनों को सौंप दिया गया है।
दशहरे की छुट्टी बिता घर से आया था
पुलिस के मुताबिक मृत निश्चल दशहरा के मौके पर चार अक्टूबर को अपने गृहग्राम गया था। दो दिन पहले उसका त्रैमासिक परीक्षा परिणाम निकलना था, इसलिए स्वजन उसे अंबिकापुर छोड़ गए थे। परीक्षा में वह अच्छे नंबर से उत्तीर्ण हुआ था। इसके बाद भी वह फांसी क्यों लगाया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। फांसी पर लटका मृतक चश्मा पहना था और कान में हेडफोन लगाया था।

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