सरगुजा राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव एवं उनके उत्तराधिकारी भतीजे ने की फॉटक पूजा, शस्त्र पूजा, नगाड़ा पूजा, अश्व एवं गज पूजा, ध्वज पूजा


अंबिकापुर। सरगुजा रियासत का परंपरागत दशहरा उत्सव प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूर्व में दशहरा के मौके पर हाथी पर नगर में वृहद जुलूस निकलता था। राजा हाथी पर बैठ कर पहले बिलासपुर रोड स्थित बंजारी मठ जाकर नीलकंठ की पूजा करते थे। तत्पश्चात ईमलीपारा में स्थित गद्दी की पूजा कर आमजनों से मुलाकात करते थे। हाथी पर बैठकर निकलने वाला जुलूस 1967-68 के आसपास बंद हो गया, किंतु अन्य परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी लगातार चल रही है।
इसी क्रम में सरगुजा पैलेस में दशहरा की शुरुआत नवमी तिथि पर होने वाले कुल देवी मां महामाया की पूजा-अर्चना से शुरू हुई। मंगलवार को दशमी तिथि लगने पर सरगुजा राजपरिवार के मुखिया एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव एवं उनके उत्तराधिकारी भतीजे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने पारंपरिक फॉटक पूजा, शस्त्र पूजा, नगाड़ा पूजा, अश्व एवं गज पूजा, ध्वज पूजा सहित विभिन्न धर्मों एवं बैगाओं के पूजन के पश्चात रघुनाथ पैलेस में बने कचहरी की गद्दी में विराजमान हो दशहरा की सभी को बधाई दी। दशहरा के मौके पर रघुनाथ पैलेस में सरगुजा संभाग के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग आज पांच अक्टूबर को पहुंचेंगे। सरगुजा महाराज व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने दशहरा पर सरगुजा संभाग सहित प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संभाग एवं प्रदेश के उन्नति की कामना की है।


आमजनों के लिए आज खुलेगा रघुनाथ पैलेस
पांच अक्टूबर को दोपहर दो बजे से आमजनों हेतु रघुनाथ पैलेस को खोला जाएगा, जहां महाराजा टीएस सिंह देव, भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव एवं बहुरानी त्रिशाला सिंहदेव आमजनों से मुलाकात करेंगे। दशहरा का यह पारंपरिक उत्सव सदियों से रघुनाथ पैलेस सरगुजा में मनाया जाता है, जिसमें महाराजा कचहरी में दरबार लगाकर अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात करेंगे। पुरानी परंपरा के अनुसार राजपरिवार से जुड़े लोग इस अवसर पर महाराजा को नजराना भेंट कर दशहरा की बधाई देते हैं तथा क्षेत्र के रक्षा का संकल्प लेते हैं।
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