जिला व पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं की ओर दिलाया ध्यान

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। रविवार को पितृमोक्ष आमावस्या के साथ ही सोमवार से नौ दिवसीय दुर्गा पूजन की शुरूआत होगी। इसे देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों सहित विभिन्न मोहल्लों में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आकर्षक पंडालों की सज्जा के साथ ही शहर के मुख्य मार्गों में रंग-बिरंगी रौशनी की जगमगाहट देखने को मिलेगी।इधर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन भी अंबिकापुर सहित जिले भर में धूमधाम से मनाए जाने वाले दुर्गा पूजन के आयोजन को देखते हुए यातायात, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तैयारियां शुरू कर दी है। दुर्गा पूजा आयोजन के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश का पालन करने उच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेशों की ओर पूजन समितियों का ध्यानाकर्षण कराया गया है। जिले के सभी दुर्गा पूजा आयोजन समितियों से अपील की गई है कि दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें।
यातायात व्यवस्था का रखें ध्यान
जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजन समिति से आग्रह किया गया है कि दुर्गा पंडाल वाले स्थान का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि पंडाल लगाने से यातायात बाधित न हो। दुर्गा पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था हेतु आयोजन समिति पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ता (वॉलंटियर) की नियुक्ति करें। दुर्गा पूजा के दौरान मंडप/पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निर्गम हेतु पृथक-पृथक द्वार की व्यवस्था की जाए। दुर्गा प्रतिमाओं के स्थापना स्थल का विस्तृत प्लॉन एवं विसर्जन के दौरान रूट प्लॉन पूर्व में ही सुनिश्चित कर लिया जाए। विसर्जन के दौरान रोड जाम की स्थिति न बने, इसका ध्यान रखने कहा गया है।
ध्वनि प्रदूषण से संबंधी दिशा-निर्देश
दुर्गा पूजा के दौरान साउंड सिस्टम, डीजे के मानक डेसीबल का ध्यान रखने कहा गया है। दुर्गा पूजा के दौरान रात्रि 10 बजे से अगले दिवस प्रात: छह बजे तक साउंड सिस्टम, डीजे बजाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। दुर्गा पूजा के दौरान साउंड सिस्टम डीजे बंद नहीं होने की दशा में बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई व कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम के तहत की जाएगी।
पंडाल स्थल पर रखें इसका ध्यान
दुर्गा पूजा हेतु पंडाल ऐसी जगह लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके ऊपर से बिजली के तार नहीं गए हों तथा पंडालों को बिजली के तारों से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किया जाए। मंडप, पंडालों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाने कहा गया है, ताकि किसी विषम परिस्थिति में इसका फुटेज हासिल किया जा सके। दुर्गा पूजा के दौरान प्राकृतिक व मानव जनित आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर इससे निपटने हेतु मंडप, पंडालों के दृश्य भाग में आपातकालीन नंबरों को फ्लेक्सी, डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करने का आग्रह किया गया है।
इन बिंदुओं पर भी कराया गया ध्यानाकर्षण
दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी धर्म को आहत करने वाले व अश्लीन गानों को बजाया जाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। दुर्गा पूजा के दौरान घातक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। आयोजन समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दुर्गा पूजा एवं विसर्जन में नशा की हालत में कोई व्यक्ति किसी भी हालत में शामिल न हो। महिलाओं से अभद्र व्यवहार न हो इसका विशेष ध्यान रखने कहा गया है। आयोजन स्थल पर अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था रखना होगा। दुर्गा प्रतिमाओं की साइज यथा संभव छोटी रखने और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई भी रैली-जुलूस नहीं निकालने व विसर्जन के पूर्व करीबी थानों में आवश्यक रूप से सूचना देने का आग्रह किया गया है।

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